आखिर कौन है ? इन आत्महत्याओं के प्रयास की साज़िशों के पीछे !

(कर्ण हिंदुस्तानी )
केंद्र से सत्ता से बाहर होने के पश्चात कांग्रेस सहित तमाम बीजेपी विरोधियों की हालत उस व्यक्ति जैसी हो गई है जिसे उम्मीद भी नहीं थी कि उसकी दुकान अचानक बंद हो जाएगी। दशकों तक देश पर एकछत्र राज करने वाले राजनीतिक दल की आज हालत यह है कि ना तो वह घर के रहे हैं ना घाट के।
यही वजह है कि अब यह सभी विरोधी दल मिलकर चुनी हुई सरकारों को बिना वजह घेरने में लगे हैं। महाराष्ट्र में तो इन विरोधियों ने कुछ युवकों और किसानों को भड़काने का सत्र शुरू किया हुआ है। मंत्रालय में घुसकर आत्महत्या करना , मंत्रालय के सामने खुद को दहन करने की कोशिश करना , मुख्यमंत्री के सरकारी निवास के सामने आत्महत्या करने की नौटंकी करना रोज का ही काम हो गया है। महाराष्ट्र सरकार के कामकाज में गलतियां निकालने में असफल रहने वाले विरोधी दल अब गंदी राजनीती पर उतर आये हैं। किसी के बहकावे में आकर कहीं कोई मंत्रालय की इमारत से कूद कर अपनी ज़िंदगी खत्म कर रहा है तो कहीं कोई मंत्रालय के सामने खुद पर मिट्टी का तेल छिंड़क कर महाराष्ट्र सरकार की कार्यप्रणाली पर ही ऊँगली उठाता है। इससे पहले कभी भी ऐसी घटनाएं लगातार नहीं घटित हुईं थीं , फिर अब क्यों ? इन सभी घटनाओं के पीछे की रणनीति को अगर देखें तो एक बात स्पष्ट हो जाती है कि इन घटनाओं के पीछे कोई साज़िश काम कर रही है। कौन है इस साज़िश के पीछे ? क्यों लोगों को सरकार के खिलाफ इस कदर भड़काया जाता है कि वह खुद की जीवन लीला समाप्त करने का बीड़ा उठा लेता है। महाराष्ट्र सरकार को चाहिए कि इन सभी घटनाओं की जांच के लिए एक समिति बनाई जाए , जो कि इन घटनाओं की विस्तृत जांच करे और इन घटनाओं के पीछे कौन है , क्यों है , उसकी नीति क्या है ? इन सब पर सदन को अवगत करवाया जाना चाहिए। एक लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को इस तरीके से बदनाम करने के पीछे कहीं सरकार का तख्ता पलट करने की कोशिश तो नहीं है ? इस तरह की आत्म हत्याओं और आत्महत्याओं के प्रयासों से किस दल को राजनीतिक फायदा होगा ? इसका काला चिट्ठा भी सामने आना चाहिए। जनता को भी पता चलना चाहिए कि विरोधी पक्ष किस हद तक गिर सकता है। किसी की मज़बूरी का फायदा अपनी राजनीती चमकाने के लिए करने के लिए कांग्रेस मशहुर है , बिना सत्ता सुंदरी के कांग्रेस की हालत जल बिन मछली के सामान हो गई है। छल कपट की राजनीती में माहिर कांग्रेस को अब कुछ नहीं सूझ रहा है तो वह लाशों के ढेर पर सत्ता हासिल करना चाहती है। इसलिए महाराष्ट्र सरकार को इन घटनाओं पर विशेष ध्यान देकर असली दोषी को जनता के सामने खड़ा करना ही होगा।

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