उच्चतम न्यायालय के कड़े रुख के बावजूद भी चोरी छिपे चलाये जा रहे है जींस वॉश कारखाने

(स्वदेश मालवीय)

उल्हासनगर में जींस वॉश कारखाने के मालिक कानून को ताक में रख कर चोरी छिपे कारखाने चलाने में सक्रिय है यानी उल्हासनगर पालिका की कारखानों पर की जाने वाली कार्यवाही से निक्कमी साबित हो रही है!
ज्ञात हो जीन्स वॉश के केमिकल की वजह से दूषित होने वाली वालधुनी नदी को बचाने के लिए उच्चतम न्यायालय ने उल्हासनगर ,कल्याण डोंबिवली महापालिका, अंबरनाथ ,बदलापूर नगरपालिका के खिलाफ सख्ती का रुख अपना रखा है न्यायालय ने नदी को साफ करने के लिए सौ करोड़ रुपए का दंड लगाया था. इसके बाद उल्हासनगर महापालिका के आदेशाअनुसार अपनी कठोर कार्यवाही में करीब ५१० जींस कारखाने की बिजलियां, जलापूर्ति खंडित कर दी गई थी.उसके बावजूद भी चोरी छिपे यहां के कारखाने में जीन्स वाश का काम किया जा रहा है! गुप्त जानकारी के अनुसार कैंप नंबर 5 के जींस व्यापारी प्रकाश अरोड़ा और खत्री डायन में देर रात छुपकर चलाए जा रहे हैं ५ वाश कारखानों पर हाल ही में आयुक्त व प्रभाग अधिकारी ने छापा मारकर सील कर दिया .आयुक्त की कार्रवाई को आधार बनाकर याचिकाकर्ता अश्विनी अघोर ने उच्च न्यायालय में आपत्ति उठाई है इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए न्यायालय ने उल्हासनगर महापालिका से 3 सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है उनपा आयुक्त राजेंद्र निंबालकर को जींस वॉश जिक्ये जाने की गुप्त सूचना मिली थी उन्होंने युवराज भदाणे, गणेश सिंपी के साथ कारखानों में छापा मारकर जींस के हजारों बंडल जब किए और कारखानों को सील कर दिया. इसके आधार पर अश्विन अघोर न्यायालय में कहा कि उल्हासनगर महापालिका कारखानों को पूरी तरह बंद करने में असफल साबित हो रही है!

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