उल्हासनगर के मोहन साबरिया बिल्डर के भाई पर बलात्कार का मामला

(स्वदेश मालवीय )

उल्हासनगर में एक ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला ने मोहन सबरिया बिल्डर के भाई अजित गांधी के विरुद्ध एक नम्बर पुलिस स्टेशन में रेप का मामला दर्ज करने से शहर में सनसनी फैल गयी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार उल्हासनगर-२ मार्केट में एक दुकान 5 लाख रुपये डिपॉजिट और प्रतिमाह 80,000 रुपये किराये से एक महिला किराया पर लिया था.और उस दुकान पर 1 करोड़ खर्च करके ब्यूटी पार्लर खोला था, पार्लर खुलने के कुछ समय बाद ही अजित गांधी का पार्लर में आना जाना शुरू हो गया था .और वो नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश भी शुरू हुई, जब अजित गांधी को ये पता चला कर्ज के पैसे से मैने व्यापार शुरू किया है तो उसने मेरे साथ ऐसे ही बनी रहो, कोम्प्रोमाईज़ करती रहो, मैं सब सम्भाल लूंगा, तुम्हे कोई दिक्कत नहीं आने दूंगा, मेरी मजबूरी का फायदा उठाकर मेरे साथ कई बार सबंध बनाये.यही नही काम मंदा होने पर पार्टनर देखना शुरू किया, एक दो लोग तैयार भी किये परंतु उसमे भी अजित गांधी का हस्तक्षेप शुरू था, वो बोल रहे थे कि जब मैं तुमको संभाल रहा हु तो तुम्हे किसी से जुड़ने की क्या ज़रूरत है, परंतु मेरा मन उन बातोंके लिए मान नही रहा था,पिछले कुछ महीनों से मैने उन सब बातों के लिए अजित गांधी को नज़रअंदाज़ करना शुरू कर दिया था, इनके पार्टनर नहीँ लेने के दबाव से मैं परेशान हो रही थी, आर्थिक बदहाली के कारण 2 महीनों से किराया समय पे नही दे पा रही थी , मेरे इसी मजबूरी का फायदा दुकान मालिक गांधी ने उठाया, मेरे उन सब कामों को लेके की नजर अंदाजी से बौखलाए गांधी कुछ दिनों पहले वो मेरे दुकान पे 40-50 गुंडो को लेके आये,सबके सामने मेरे को दुकान से घसीट के मुझे बाहर निकाला, मैं बेहोश हो गयी, मुझे अस्पताल ले जाने की बजाय मेरे दुकान को ताला लगा दिया गया, और सभी लोगो के सामने मेरी बदनामी की गई.मुझे स्थानीय नेता, गुंडो की मदत से मेरे पार्लर में मैने एक स्थानीय उद्योगपति को भागीदार बनाके उसी दिन उन उद्योगपति से लिये रोख रकम 21 लाख 20 हज़ार रुपये जो साहुकारों को चुकाने के लिए और स्टाफ की पगार देने के लिए ऑफिस में उसी दिन रखे थे, साथ ही मेरे सोने के जेवरात, घड़ी, मोबाइल बैंक के ब्लेंक सिग्नेचर किये चेक्स, दुकान के अग्रीमेंट की असल कॉपी और 22000 रुपये उस दिन की आयी केश को अंदर दुकान में ही होने के बावजूद मेरे दुकान को ताला लगा दिया, बाहर 4-5 गुंडे बिठा रखे है, अब सब दुकान में ही मेरा समान और रकम जेवरात रखे हुए है,मेरा बोर्ड निकालकर अजित गांधी अपने नाम का बोर्ड भी लगा दिया, और लाइट का मीटर भी निकाला दिया. पुलिस ने रेप का मामला दर्ज करके आगे की जांच में जुटी है
वही गांधी ने कोर्ट इस मामले में अंतरिम जमानत लें लिया है जिसके कारण वह पुलिस की गिरफ्तारी से बच गया है वही पीड़ित ने आरोप पुलिस पर लगाया कि बिना नोटिस के दुकान जबरन खाली कराया और मेरे कीमती सामान लुटा उसके लिए पुलिस ने उनके ऊपर लूटपाट का भी मामला दर्ज करना चाहिये था जो दर्ज नही किया है बहरहाल न्याय न मिलता देख महिला ने न्याय पाने के लिए कोर्ट का सहारा लिया है

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