ऍट्रॉसिटी के सबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दर्ज की जाएगी–रामदास आठवले 

मुंबई : एट्रोसिटी  का गलत इस्तेमाल के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया है यह एट्रोसिटी कायदा का अवमान करना जैसा होगा! इसलिए सर्वोच्च न्यायालय ने एट्रोसिटी के संबंध में दिए फैसले को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए)की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने जा रही है ऐसी जानकारी रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्र सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने आज मुंबई के सह्याद्रि अतिथिगृह में हुई पत्रकार परिषद में दी है एट्रोसिटी के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने दिए गए निर्णय को केंद्र सरकार अभ्यास करके आहवान  देगी, अनुसूचित जाति जनजाति के हित के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार भी दक्ष है सिर्फ एट्रोसिटी के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर कांग्रेस को राजकरण नहीं करना चाहिए. सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर केंद्र सरकार पर टिका करना कांग्रेस की भूल है .कांग्रेस को अनुसूचित जाती जमाती के हित में कोई फिक्र है तो उन्हें एट्रोसिटी के मुद्दे पर संसद में चर्चा करनी चाहिए. संसद में कांग्रेस ने टीका टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. ऐसा रामदास आठवले ने कहा है .सर्वोच्च न्यायालय ने एट्रोसिटी सेक्टर १९८९ के अनुसार दर्ज किए गए मामले और कानून कायदे का गलत ढंग से किया गया इस्तेमाल पर विचार करते हुए उसकी जांच के बिना मामले दर्ज नहीं करना चाहिए. उसी तरह आरोपी को जमानत देने से रोकने के संबंध में आठवले ने अपने विचार में कहा एट्रोसिटी १९८९ के अनुसार नॉन बेलेबल है जिस पर जमानत देने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने दिए हुए फैसले यह जजमेंट नहीं, सिर्फ उनका विचार है ,मत है याचिका पर पुनर्विचार करने के संबंध में दर्ज किए जाने वाले याचिका पर आरपीआई की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में वकील मिथिलेश पांडे और बीके बर्वे की देखरेख में किया जाएगा! ऐसा आठवले ने बताया है . महाराष्ट्र राज्य ने भी सर्वोच्च न्यायालय में फिर से विचार करने पर अपना मत रखना चाहिए इसके लिए वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से इस विषय में मुलाकात करेंगे. एट्रोसिटी मामले सभी बोगस होते हैं इससे वे सहमत नहीं. देश भर में हर साल ४६ हजार  एट्रोसिटी के मामले दर्ज किए जाते हैं अपने १८ घंटे की गई चर्चा के संदर्भ में रामदास अठावले ने एट्रोसिटी के विषय में ऐसा बताया है भीमा कोरेगांव में अंबेडकरी लोगों पर हुए हमले के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए. कायदे से बड़ा कोई नहीं है .लेकिन संभाजी भिडे इसके जवाबदार हैं तो उन्हें जरूर गिरफ्तार करना चाहिए. १४ अप्रैल के विषय में अठावले ने कहा महामानव डॉ बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती यूनो में जरूर मनाई जाएगी! जिसके लिए वे स्वयं प्रयत्नशील रहेंगे! लेकिन इस विषय पर कोई भी अफवाह ना फेलाय .इस संबंध में कोई भी पत्र व्यवहार बोगस रूप से किया जा सकते हैं,जिसपर कोई ध्यान नही दिया जाए.ऐसा रामदास अठावले ने कहा.

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