कब सुधरेगी कल्याण डोम्बिवली मनपा अस्पतालों की हालत ??

( श्रीराम कांदु )

कल्याण डोंबिवली महापालिका के प्रभाग अधिकारी रही एवम मुख्यालय के अकाउंट खाते में कार्यरत महिला अधिकारी श्वेता सिंघासने का दो दिन पूर्व डेंग्यू बिमारी से  मृत्यू हो गयी थी, भले ही मृतक अंबरनाथ  में रहती थी. लेकिन मनपा प्रशासन इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर उंगली उठाये जाने की संभावनाओ के तहत परिसर में मच्छर मारने वाली दवा का छिडकाव जोर शोर से शुरु कर दिया है.जिसे आम नागरिक वस् दिखावे और खाना पूर्ति की कारवाई मान रहे है.और इसके लिए लोग भ्रष्ट मनपा प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों को भी दोषी मान रहे है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार २५ लाख से अधिक आबादी वाले कल्याण डोम्बिवली मनपा क्षेत्र में सिर्फ दो मनपा संचालित प्रमुख अस्पताल है कल्याण पश्चिम में रुक्मिनिबाई और डोम्बिवली पश्चिम का शास्त्रीनगर अस्पताल, प्रसूति गृह और अन्य आरोग्य केन्द्रों की बाते बाद में,

मनपा के दोनों मुख्य अस्पताल में अनेक मुलभुत सुविधा नहीं है .अभी पिछले दिनों टिटवाला निवासी गुलाब यादव् ने आरोप लगाया था की रुक्मिनिबाई अस्पताल में डेंगू से सम्बन्धित दवाये उपलब्ध नहीं है.और उनके डेंगू रोगी रिश्तेदार को मनपा अस्पताल के डॉक्टरो ने किसी निजी या मुम्बई के अस्पताल ले जाने की हिदायत दी थी इसी तरह डोम्बिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में डेंगू के साथ सर्पविष रोधक इंजेक्शन नही है जिससे पिछले हफ्त्ते सर्प मित्र केने की मौत हो गई थी अब मनपा कि महिला अधिकारी की डेंगू से मौत हो जाने पर मनपा प्रशासन मच्छर मारने की दवा छिडकर ढोंग कर रही है.जबकि यहाँ के नगरसेवको में भी यहाँ के मनपा अस्पतालों में सुविधा बढाने के प्रति शुरुवात से अज्ञात कारणों से उदासीनता है. बहुत कम नगरसेवक में कल्याण डोम्बिवली मनपा के अस्पतालों में मुलभुत सुविधा उपलब्ध हो ऐसा प्रयास दिखा.

आज इन मनपा अस्पताल में फिजिशियन,सर्जन,बाल रोग, हड्डी के  डाक्टर नहीं है अस्पताल में आवश्यक दवाये उपलब्ध नही होने के कारण मरीजो को बाहर से दवा खरीदना पड़ता है डोम्बिवली के शाश्त्रीनगर अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन है लेकिन इसे चलाने वाला टेक्निशियन नही है मरीज बाहर जाते है.क्सरे मशीन भी विशेष बीमारियों में अनुपयोगी होता है.यहाँ कृत्रिम सांस (वेंटिलेटर) देने की सुविधा

नही है.डॉ वेंटिलेटर इन्हें उपलब्ध किये गए थे .लेकिन उपयोग नही होने के कारण खराब हो गया हैसवसे बड़ी बात यहाँ कोई भी छोटे से बड़े आपरेशन नही किये जा सकते है. यहाँ कार्यरत अनेक डाक्टर अपना निजी क्लिनिक भी चलाते है.

सिर्फ प्रसूति  की सुविधा है यहाँ भी मरीज की हालत बिगड़ने पर उपस्थित डाक्टर मरीज को अन्य कही ले जाने का निर्देश दे देते है.

‘,मनपा का अपना ब्लड बैंक है लेकिन समय पर आवश्यक ब्लड ग्रुप का खून नही मिलने की शिकायत मरीज करते रहते है.

मनपा प्रशासन और जनप्रतिनिधियो के इसी उदासीन रुख से कल्याण डोम्बिवली में निजी अस्पतालों का धंधा खूब फल फुल रहा है.कल्याण डोम्बिवली मनपा क्षत्र में एक हजार से अधिक निजी क्लिनिल चला रहे डाक्टारो की संख्या है जबकि 250 से अधिक निजी अस्पताल है. निजी अस्पतालों में मरीजो से क्या व्यवहार होता है ये जगजाहिर है

 

 

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