कल्याण मनपा अधिकारियों के भ्रष्ट और भेदभाव पूर्ण कारवाई से नादिवली जैसी घटना स्वभाविक.

(विजय (लाला) दूबे)

कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका ई व जे  प्रभाग अधिकारी भागाजी सखाराम भांगरे के साथ गत 27 फरवरी को नगर सेवको द्वारा गालियां देने पीछा करने व अपहरण की कोशिश का मामला तूल पकड़ता जा रहा है इस मामले में जहां दूसरे दिन दोपहर 2:00 बजे मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई वही होली की पूर्व संध्या पर मनपा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोपहर बाद सामूहिक रुप से काम बंद आंदोलन कर इस घटना पर अपना विरोध दर्शाया.इस घटना पर जहा जनप्रतिनिधि भी मनपा अधिकारियों पर भ्रष्ट्राचार कर सिर्फ अपनी मनमानी करने का आरोप लगा रहे है वही मनपा कर्मी भी अपने भ्रष्ट वरिष्ठो पर होने वाले ऐसे दुर्व्यवहार को सही ठहरा रहे है.

ज्ञात हो कि गत 27 तारीख की शाम को मनपा प्रभाग अधिकारी यहां के नांदिवली गांव स्थित टी. के. ढाबा  पर अनधिकृत निर्माण करने का आरोप करते हुए इसे ढहा दिया.इसके विरोध में भाजपा नगरसेवक शैलेश धात्रक और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना  से मनपा में विरोधी दल नेता मंदार हलवे ने कार्य स्थल का दौरा किया और म न पा प्रभाग अधिकारी से बिना कोई पूर्व सूचना के यह कार्रवाई किये जाने पर जवाब मांगा कोई जवाब नहीं मिलने पर इन दोनों जनप्रतिनिधियों ने कथित रूप से कुछ उग्रता दिखाएं होगी मनपा प्रभाग अधिकारी ने इस बाबत स्थानीय मानपाड़ा पुलिस थाने में जातिवाचक गाली देने,धमकाने, अपहरण करने की कोशिश का मामला दर्ज किया है

उल्लेखनीय है की अवैध निर्माण के बारे में कल्याण डोंबिवली की मनपा की भ्रष्ट नीति जगजाहिर है वार्ड क्रमांक 109 के नगर सेवक रमाकांत पाटिल ने अपने वार्ड में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने की मांग का अनेक पत्र मनपा आयुक्त पी. वेलारसू के साथ पुरे मनपा कार्यालय के संबंधित विभाग प्रमुखों को भी दिया है बावजूद इसके कोई कार्यवाही नहीं हुई है इससे हताश नगरसेवक रमाकांत पाटिल ने यहां धड़ल्ले से हो रहे हैं अवैध निर्माण और यहां मनपा अधिकारीयों की भ्रष्ट नीतियों की शिकायत राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और गृहनिर्माण राज्यमंत्री रंजीत पटिल से की है

ऐसे में जहां नगरसेवकों की शिकायत है वहां म न पा अधिकारी भ्रष्टाचार करके कोई कार्रवाई नहीं करते हैं और जहां इन्हें कोई फायदा नहीं होता है कोई चढ़ावा नहीं मिलता है वहां ये लोग बिना कोई पूर्व सूचना के त्वरित कार्रवाई करते हैं ऐसे में जनप्रतिनिधियों का मनपा अधिकारीयों पर आक्रोश स्वभाविक है उल्लेखनीय है के मनपा प्रभाग अधिकारी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के समर्थन में म न पा के कर्मचारी भी सहयोग के भूमिका में नहीं थे इसीलिए मनपा अधिकारी के साथ घटित इस घटना के 48 घंटे बाद समर्थन में आये है घटना 27 फरवरी की शाम की है और मनपा कर्मियों ने 1 मार्च की दोपहर को काम बंद आंदोलन किया अनेक म न पा कर्मचारियों के अनुसार मनपा के वरिष्ठों के भ्रष्ट नीतियों का वह समर्थन नहीं करते हैं और ऐसे भेदभाव पूर्ण कार्रवाई से ऐसी घटनाएं स्वभाविक है

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