कल्याण मनपा अस्पताल में डाक्टर की अनुपस्थिति से गर्भ में ही शिशु की मौत.सत्ताधारी मौन.

( म विजय )

कल्याण डोम्बिवली मनपा के अस्पतालों में मरीजो से कितनी लापरवाही होती है इसका सीधा उदाहरण शुक्रवार को गर्भवती महिला वर्षा ढगे के नवजात बच्चे की मौत से समझा जा सकता है सुबह 5 बजे पेट दर्द की शिकायत के कारण एडमिट गर्भवती महिला ढगे को किसी महिला रोग विशेषज्ञ डाक्टर ने सात घंटे तक न जांच की और नाही कोई उपचार शुरू किया.दोपहर १२ बजे जब डाक्टर आये तब तक सबकुछ ख़त्म होगया था.

प्राप्त जानकारी के अनुसार . टिटवाला के कमलाकर जाधव चाल निवासी गर्भवती महिला वर्षा ढगे को पेट दर्द और रक्तश्राव होने लगा.उनके परिजनों ने उन्हें कल्याण के रुक्मिणीबाई अस्पताल में ले जाकर सुबह पांच बजे भरती करवाया. उस समय से दोपहर १२ बजे तक कोई महिला रोग विशेषज्ञ डाक्टर ण होने से मरीज महिला दर्द से तरपती रही. इस दौरान अस्पताल की नर्स ने दर्द कम करने की दवा दी.और दोपहर १२ बजे जब डाक्टर आये और मरिज महिला का आपरेशन हुआ तब तक सब कुछ ख़त्म हो चुका था.डाक्टर के अनुसार बच्चा मृत पैदा हुआ था”

उलेखनीय है की कल्याण डोम्बिवली मनपा के डोम्बिवली के शास्त्री नगर अस्पताल और कल्याण के रुक्मिणीबाई अस्पताल में मरीजो के लिए मुलभुत सुबिधा उपलब्ध नही होने की शिकायत वर्षो से आरही है.तिन दिन पहले स्थाई समिति सभापति रमेश म्हात्रे ने खुद स्थाई समिति की बैठक में डोम्बिवली के शाश्त्रीनगर अस्पताल में मुलभुत सुबिधा उपलब्ध नहीं होने पर आकोश व्यक्त किया था. और शुक्रवार को हुई कल्याण मनपा महासभा में भाजपाइयो ने इन अस्पतालों में मुलभुत सुबिधा नहीं होने के लिए अपने सहयोगी सत्ताधारी शिवसेना को जिम्मेदार ठहराया. उनके अनुसार चुनाव के घोषणापत्र में शिवसेना ने सत्ता में आने के बाद मल्टीस्पेसिलिटी अस्पताल बनवाने की घोषणा की थी सत्ता में रहते दो वर्ष से अधिक का समय शिवसेना के सत्ता में रहते बित गया.लेकिन अभीतक कभी चर्चा भी शुरू नही हुई है.

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