छुट के लिए अधिकृत यात्रियों को सब्सिडी छोड़ने का विकल्प देगी रेलवे प्रशासन.योजना पर विचार.

(म विजय)

रेलवे अब किराए में छूट लेने वालों के लिए नया नियम बनाने जा रहा है। अभी तक रेलवे काउंटर या ऑनलाइन टिकट लेते समय आसानी से किराए में छूट मिल जाती थी, लेकिन रेलवे जल्द ही कुछ चेंज करने जा रहा है। इसके बाद छूट लेने वालों को कुछ विशेष शर्तों पर ही रियायत मिलेगी। दरअसल, रेलवे ने पिछले साल पहले सीनियर सिटीजन को किराए में मिलने वाली छूट पर नियम बनाया था। इस नियम से रेलवे को काफी फायदा हुआ था।

बता दें कि सीनियर सिटीजन को किराए पर आधी सब्सिडी छोड़ने का विकल्प दिया गया था। इसके तहत 19 लाख से ज्यादा सीनियर सिटीजन ने अपनी इच्छा से सब्सिडी छोड़ी। इस तरह भारतीय रेल को 22 जुलाई 2017 से 31 मार्च 2018 के बीच 32 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है।
रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा , ” हमने महसूस किया कि जब 2016 में हमने लोगों से 100 प्रतिशत रियायत छोड़ने को कहा था तो कई लोगों ने ऐसा नहीं किया। 2017 में जब 50 प्रतिशत सब्सिडी छोड़ने का विकल्प दिया गया तो कई लोगों आगे आए और इसे अपनाया। ”

अधिकारी ने कहा कि यह योजना पूरी तरह से स्वेच्छिक है और अब हम अन्य रियायत लेने वालों को सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए अभियान चलाने की तैयारी कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करके यात्रा किराए पर रियायत छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही एक वेबसाइट स्थापित करने की भी प्रक्रिया है , जिसमें न केवल सब्सिडी छोड़ने से रेलवे की बजत की जानकारी होगी बल्कि रियायत छोड़ने वालों का डेटा भी होगा।  अभियान के हिस्से के रूप में इन श्रेणियों के लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए सभी वरिष्ठ नागरिकों ( सब्सिडी छोड़ चुके ) को रेल मंत्री पीयूष गोयल की ओर से व्यक्तिगत पत्र भेजा जाएगा।

अभी रेलवे विकलांग , कैंसर , थैलेसेमिया , दिल एवं गुर्दा रोगियों , युद्ध में शहीद सैनिकों की विधवाओं और विद्यार्थियों समेत 53 श्रेणियों में यात्रा किरायों में छूट देती है। अब रेलवे ऐसे लोगों से टिकट लेने से पहले पूछेगा कि क्या वह छूट लेना चाहते हैं तभी उसे छूट मिलेगा। अगर कोई छूट लेने से मना कर देगा तो उसे छूट नहीं दी जाएगी।

रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक छूट देने की वजह से रेलवे को सालाना करीब 33,000 करोड़ रुपये की कमाई से वंचित होना पड़ता है। रेलवे एक वेबसाइट भी शुरू करने जा रही है जिसमें वरिष्ठनागरिकों की ओर से छोड़ी गयी सब्सिडी और ऐसे यात्रियों की सूचना प्रकाशित की जाएगी।
रेलवे ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को न्यूजलेटर और एसएमएस संदेश भेज कर तथा कुछ को बुला कर मंत्री के हाथों सम्मनित करने का विचार कर रही है। जुलाई-मार्च 2017-18 के दौरान 10 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने 100 प्रतिशत तक और 9 लाख से अधिक ने 50 प्रतिशत तक रियात स्वैच्छा से छोड़ी । इससे रेलवे को 32.30 करोड़ रुपए का फायदा हुआ। अगस्त 2016 से इस साल मार्च तक 40 लाख वरिष्ठ यात्री रियायत छोड़ चुके हैं जिससे रेलवे को करीब 77 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

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