ठाणे पुलिस की ओर से सायबर जन जागृती कार्यशाला संपन

ठाणे(संवाददाता)देश में सूचना संरक्षण कायदा( डाटा प्रोटेक्शन लॉ) के आने के बाद साइबर सुरक्षा की दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकेंगे और अपराध को रोका जा सके . लेकिन तब तक एक नागरिक के रूप में हम सब को विभिन्न मोबाइल एप्स और वेबसाइट के पर व्यक्तिगत जानकारी देने के लिए और उससे होने वाले गैर परिणाम को समझना जरुरी है   ऐसा वक्तव्य साइबर क्राइम के अधिवक्ता एडवोकेट राजस पिंगले ने किए हैं इस मौके पर सहायक पुलिस आयुक्त मधुकर पांडे पुलिस उपायुक्त आर्थिक गुना और साइबर क्राइम डॉ संदीप भाजीभाकरे उनके अलावा कोकण विभाग के संपर्क उपसंचालक डॉ गणेश मुले द्वारा मार्गदर्शन किया गया. ठाणे जिला मराठी पत्रकार संघ के अध्यक्ष संजय पितडे के अलावा अन्य पत्रकार, छायाचित्रकार, वेब संचालक, न्यूज़ प्रतिनिधि आदि लोग बड़ी मात्रा में उपस्थित थे. महाराष्ट्र साइबर क्राइम के प्रमुख विशेष पुलिस महा निरीक्षक बृजेश सिंह के संकल्प से ट्रांसफॉर्मिंग महाराष्ट्र के अंतर्गत पत्रकार और माध्यमिक साइबर के लिए लोगो में  जन जागृत करने का यह उपक्रम शुरू किया गया है .ठाणे पुलिस आयुक्त के साइबर कक्ष और जिला संपर्क कार्यालय ठाणे की ओर से संपन्न हुए इस कार्यशाला में पत्रकारों ने इस विषय पर शंका का समाधान व्यक्त करते हुए सायबर कायदा का जिसकी उपयुक्त विषय पर जानकारी ली. कार्यशाला में एडवोकेट राजश पिंगले ने साइबर क्राइम कैसा होता है इसका उदाहरण दिया .उन्होंने कहा इंटरनेट सस्ता है और बहुत उपयोगी है इसकी वजह से जोश आता है आपली अपनी व्यक्तिगत जानकारी कहीं ना कहीं मोबाइल पर ऐप्स द्वारा वेबसाइट द्वारा भेजी जा सकती है लेकिन यह जानकारी का दुरुपयोग भी हो सकती हैं कोई कितना भी बोले तो वह जानकारी पूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं होती है अब इंटरनेट ऑफ थिंग्स IOT का जमाना है अनेक घरों में इस्तेमाल किए जाने वाले वस्तुओ में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है यह देखते हुए जानकारी डालना चाहिए .आज 1700 से ज्यादा  क्रिप्टो करन्सी बाजार में हैं यह बहुत महंगी होने के बावजूद बड़ी धोखे की सूचना देखकर अमीर लोग को फसा कर खुद का फायदा करती है इससे दूर रहना चाहिए. सोशल मीडिया आने के बाद फ्रेंड रिक्वेस्ट अपनाने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी ले लेना चाहिए . कुछ दिन पहले बैंक के एटीएम के आधार पर पैसे निकालने की घटना सामने आई है. उस के माध्यम से ग्राहकों को सावधानी बरतनी चाहिए. इस में  बैंक को भी सुरक्षा दृष्टि की बड़ी जिम्मेदारी है. ग्राहकों से गलती ना हो और नियम में विशिष्टसमय पर  उनका पैसा मिलना आवश्यक है ऐसा  राजस पिंगले ने बताया. सोशल मीडिया लेब की स्थापित करना है इस अवसर पर बोलते हुए सहायक पुलिस आयुक्त मधुकर पांडे ने पत्रकारों को साइबर के विषय में जन जागृत लाने  के लिए पुलिस को सहयोग करने का आह्वान किया है पुलिस उपायुक्त डॉ संदीप भाजीभाकरे ने साइबर को समझाते हुए स्कूल, महाविद्यालय किस तरह से प्रयत्नशील है उसे समझाया. आर्थिक और साइबर क्राइम कैसे किए जाते. इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने हाल ही में हुए विवाह स्थल पर वेबसाइट के सहारे फ़साने  की प्रक्रिया बताइए. इंटरनेट के आधार पर या अन्य जानकारी के आधार पर किए जाने वाले अपराध  के उदाहरण उन्होंने दिए .साइबर अपराध करने वाले लोग कितने होशियार और किस चालाकी से लोगों को फंसाते हैं उससे दूर रहने की सलाह उन्होंने दी. ठाणे पुलिस आयुक्त के साइबर लैब में काम कैसा शुरू है. इस विषय पर भी सोशल मीडिया के अंतर्गत निरीक्षण और विश्लेषण करने की जांच लैब के अंतर्गत की जा रही है. शुरुआत में कोकण विभाग की जान के जानकार के जन संपर्क ,उपसंचालक डॉक्टर गणेश मुले ने ट्रांसफॉर्मिंग महाराष्ट्र के अंतर्गत साइबर के जन जागृति जैसे कार्यक्रम आवश्यक हैं जिसके आधार पर अपनी जवाबदारियो की भूमिका अपनाना आवश्यक होता है. सर्व सामान्य व्यक्तियों को साइबर क्राइम के संबंध में ज्यादा से ज्यादा जानकारी देकर उनका ज्ञान बढ़ाने में मदद करने की बात कही गई.  इस अवसर पर जिला जनसंपर्क अधिकारी अनिरुद्ध पुत्र ने आभार व्यक्त किया. इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक साइबर संजय सावंत ने पत्रकारों को प्रत्यक्ष शायबर प्रयोगशाला के काम कैसे चलते हैं उसके बारे में बताया है
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