“डोम्बिवली सबसे गंदा शहर” गडकरी के इस बयान पर हर तरफ से मिश्रित प्रतिक्रिया.

(मुम्बई आसपास टीम)
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को डोम्बिवली के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए डोम्बिवली को सबसे गंदा शहर होने की उपमा दी थी। साथ ही साथ गडकरी ने इसके लिए आम जनता को दोषी ठहराते हुए अवैध निर्माण करने वाले जनप्रतनिधियों को चुन कर भेजने का आरोप भी जनता के माथे मढ़ दिया। गडकरी की इस बयान बाज़ी के बाद सभी राजनीतिक दलों ने गडकरी को अपने हिसाब से जवाब दिया है।

 

श्रीकांत शिंदे 

सांसद,शिवसेना,

कल्याण लोकसभा

मुंबई आसपास से बातचीत में शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि जिन शब्दों में गडकरी ने डोम्बिवली को सम्बोधित किया है वह निंदनीय है , रास्तों की चौड़ाई के काम में बाधा डालने का काम किस दल के लोगों ने किया था यह सभी जानते हैं। डोम्बिवली में सालों साल से बीजेपी के ही विधायक चुन कर आते रहे हैं और अब भी बीजेपी के ही विधायक हैं और वह राज्य मंत्री भी हैं। ऐसे में डोम्बिवली की दुर्दशा के लिए कोई और ज़िम्मेदार ना होकर बीजेपी के लोग ही ज़िम्मेदार हैं। श्रीकांत शिंदे ने इस बारे में जल्द ही मुख्यमंत्री और खासकर नितिन गडकरी को एक ज्ञापन देनी की भी बात की।

उदय कर्वे

 

डोम्बिवली के पुराने नागरीक  उदय कर्वे ने नितिन गडकरी के बयान पर प्रतिक्रया देते हुए कहा कि अवैध निर्माणों के लिए नागरिकों को दोषी ठहराना गलत है। इसके लिए पूरी तरह से लोकप्रतिनिधि ज़िम्मेदार हैं। उचित व्यवस्थापन ना हो पाने की वजह से कचरे की समस्या पैदा होती है। शुरू से ही डोम्बिवली में बीजेपी का विधायक चुन कर आता रहा है और आज तो डोम्बिवली में राज्यमंत्री दर्जे का विधायक है लेकिन मूल जिम्मेदारी तो नगरसेवको की ही है। कर्वे ने आगे कहा कि सड़कों का चौड़ीकरण हुआ ही नहीं है। उदय कर्वे ने गडकरी के बयान पर कहा कि कमसे कम बीजेपी के नेताओं को तो डोम्बिवली शहर के बारे में इस तरह की प्रतिक्रिया नहीं करनी चाहिए थी।

मनोज घरत,

अध्यक्ष,

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना,

डोम्बिवली शहर.

वहीँ दुसरी ओर मनसे के डोम्बिवली शहर प्रमुख मनोज घरत ने गडकरी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि बीजेपी वालों को थोड़ी भी शरम है तो डोम्बिवली की गंदगी और अवैध निर्माणों की ज़िम्मेदारी खुद पर लेते हुए राज्यमंत्री रविंद्र चव्हाण समेत डोम्बिवली से चुन कर आये सभी बीजेपी के नगरसेवकों को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

राहुल दामले

स्थाई समिति सभापती,

कल्याण डोम्बिवली महानगर पालिका
गडकरी के बयान का बचाव करते हुए कल्याण डोम्बिवली स्थाई समिति के सभापति और बीजेपी के नगरसेवक राहुल दामले ने कहा कि गडकरी का डोम्बिवली पर ख़ास प्रेम है और इसी प्रेम की वजह से उन्होंने डोम्बिवली के बारे में कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राहुल दामले ने स्वीकार किया कि नियोजन के अभाव के चलते कुछ कमियां हैं जिन्हें जल्द ही सुधार लिया जाएगा।

राजू पाटिल,

नेता मनसे.

मनसे के वरिष्ठ नेता राजू पाटिल ने नितिन गडकरी के बयान पर कहा कि सिर्फ नगरसेवक ही नहीं बल्कि मनपा के अधिकारीगण भी डोम्बिवली की दुर्दशा के लिए दोषी हैं। कई जगहों पर कचरा कुण्डी तक नहीं रखी गई हैं। मनपा के फण्ड का सही उपयोग नहीं होता है , अधिकारी और नगरसेवक मिलकर जनता के पैसों की बंदर बाँट कर लेते हैं।

राजेश मोरे

शहर प्रमुख,                                                                                                                                                                                                 शिवसेना डोम्बिवली,

 

शिवसेना के डोम्बिवली शहर प्रमुख राजेश मोरे ने नितिन गडकरी के बयान को पूरी तरह से निंदनीय बताते हुए कहा किसी शहर के बारे में इस तरह का सम्बोधन करना केंद्रीय मंत्री को शोभा नहीं देता है। मनपा प्रशाशन को चाहिए कि अवैध निर्माणों से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करे।

विकास काटधरे सर

वरिष्ठ पत्रकार,डोम्बिवली

डोम्बिवली के वरिष्ठ पत्रकार विकास काटदरे सर ने इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डोम्बिवली की दुर्दशा के लिए सभी ज़िम्मेदार हैं। १९७० से डोम्बिवली में बीजेपी ही चुन कर आती रही है। शहर नियोजन रहित है , प्रशाशन पर लोकप्रतिनिधियों की पकड़ नहीं है , कोई भी नगरसेवक निर्वाचित होने के बाद अपने वार्ड में घूमता तक नहीं है। काटदरे के अनुसार गडकरी ने डोम्बिवली वासियों के दिल की बात ही कही है।

नविन सिंह,

पूर्व कांग्रेसी नगरसेवक,
कांग्रेस के पूर्व नगरसेवक नविन सिंह ने नितिन गडकरी के बयान की अच्छी तरह खबर लेते हुए कहा राज्य में सत्ता इनकी , मनपा में सत्ता इनकी और डोम्बिवली की गंदगी के लिए जवाबदार जनता ! नविन सिंह ने कहा कि अब तो राज्यमंत्री भी डोम्बिवली से ही हैं फिर डोम्बिवली के यह हालात क्यों हैं ? शहर में पोस्टर चिपकाने से शहर की हालत सुधरती नहीं है। नविन सिंह ने कहा कि डोम्बिवली की स्थिति नागपुर से बेहतर है शायद इस बात का एहसास गडकरी को नहीं है। गडकरी ने डोम्बिवली को गलिच्छ शहर कह कर डोम्बिवली का अपमान किया है।

 

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