“धरती की गन्दगी है” गोवा आने वाले कुछ पर्यटक-विजय सरदेसाई,कृषि मंत्री गोवा.

 गोवा के कृषि मंत्री विजय सरदेसाई ने मीडिया में आई उन खबरों पर आज सफाई पेश की जिनमें उनके हवाले से कहा गया था कि गोवा में आने वाले घरेलू पर्यटक ‘‘धरती की गंदगी’’ हैं। हालांकि, उन्होंने एक बार फिर कहा कि ‘‘पर्यटकों का एक तबका’’ परेशानी पैदा कर रहा है और असल में वे ‘‘धरती की गंदगी’’ हैं। सरदेसाई ने अपने बयान पर पैदा हुए विवाद के बाद ऑनलाइन साइटों पर जारी किए गए संदेश में कहा कि उन्होंने राज्य में आने वाले सभी 65 लाख पर्यटकों को धरती की गंदगी नहीं कहा था, बल्कि ‘‘पर्यटकों के एक तबके’’ को ‘‘धरती की गंदगी’’ करार दिया था।
अपने बयान को संदर्भ से काटकर पेश किए जाने का आरोप लगाते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने गोवा आने वाले सभी 65 लाख पर्यटकों को धरती की गंदगी नहीं कहा था। मैंने कहा था कि पर्यटकों का एक तबका परेशानी पैदा कर रहा है और असल में वे धरती की गंदगी हैं और गोवा में ऐसे पर्यटक नहीं होने चाहिए।’’ गोवा में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री सरदेसाई ने कहा कि यही छोटा सा तबका परेशानी पैदा कर रहा है, उनमें साफ-सफाई का कोई सलीका नहीं है, वे गंदगी फैला रहे हैं और राज्य में कचरे की समस्या खड़ी कर रहे हैं।
गोवा फॉरवर्ड पार्टी के प्रमुख सरदेसाई ने कहा कि इस तटीय राज्य में ‘‘गुणवत्ता’’ वाले पर्यटकों की जरूरत है जिससे स्थानीय लोगों को फायदा मिले।
उन्होंने कहा कि गोवा का विकास मॉडल ‘‘कम घनत्व, ऊंची लागत’’ से जुड़ा है, यह ‘‘मात्रा नहीं, गुणवत्ता पर आधारित है।’’ सरदेसाई ने कहा, ‘‘बात जब वास्तुकला, नैतिक मूल्यों, सहनशीलता की आती है तो हम गोवा की अलग पहचान बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन इसके साथ ही हम गोवा को इस तरह नहीं विकसित करना चाहते कि यह सिर्फ मात्रा का मामला रह जाए।’’

 (साभार – भाषा)

 

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