नगरविकास राज्यमंत्री ने उल्हासनगर मनपा के प्रभाग अधिकारी पद से अलका पवार को हटाने का आदेश दिया

(स्वदेश मालवीय)
उल्हासनगर:महाराष्ट्र सरकार के नगरविकास राज्यमंत्री रणजीत पाटील द्वारा उल्हानगर मनपा आयुक्त राजेन्द्र निम्बालकर को अलका पवार को प्रभाग अधिकारी पद से हटाने का आदेश दिया है।जिससे लिपिक पद से प्रभाग अधिकारी पद पर पदोन्नति की गई अलका पवार की मुश्किलें बढ़ गयी है।
मिली जानकारी अनुसार ने आदेश में कहा है की  जब तक मागास वर्गीय घोटाले की जांच पूरी नही हो जाती तब तक अलका को वापस लिपिक पद पर रखा जाय .
बता दे की  उल्हासनगर मनपा  में टीम ओमी कालानी की नगरसेविका प्रभाग समिति-2 की सभापती  शुभांगनी निकम ने मनपा की महासभा में लक्ष्य वेदी के जरिये मनपा में हुए मागसवर्गीय घोटाले की जांच पुनः करने और दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग की थी। जिसपर शिवसेना नगरसेवक अरुण आसान ने मनपा प्रशासन को जमकर घेरा था। वही गुरुवार को राज्य परिषद में विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर  लक्षवेधी के जरिये उक्त मुद्दा उठाया प्रवीण के द्वारा उठाये गये मुद्दे को महाराष्ट्र सरकार में नगर विकास राज्यमंत्री पाटील ने गम्भीरता से लेते हुए जवाब देते हुये कहा कि उल्हासनगर मनपा की सहायक आयुक्त अलका पवार की  वर्ष 2003 के दौरान की गई भर्ती  प्रक्रिया अंतर्गत वरिष्ठ लिपिक के पद पर नियुक्ति की गई थी।पिछडि जाती के अंतर्गत हुये भर्ती घोटाले के जांच की आंच में फंसी विवादित लिपिक अलका पवार को  सीधे उल्हासनगर  के सहायक आयुक्त पद पर पदोन्नती कर देना नियमानुसार गलत है।
ऐसे में नगरविकास मंत्री रणजीत पाटिल ने अलका पवार को तत्काल सहायक आयुक्त के पद से हटाकर उन्हें वापस लिपिक पद पर रखने का आदेश उल्हासनगर मनपा आयुक्त राजेन्द्र निम्बालकर को दिया है।लक्ष्यवेदी के जरिये उठाये गए इस मुद्दे पर विधान परिषद सदस्य जयंत पाटील- तथा प्रसाद लाड ने महत्वूपर्ण भूमिका अदा की। बता दे की अलका पवार उल्हासनगर मनपा के प्रभाग समिति 1 में सहायक आयुक्त पद पर पदोन्नति की गई है। जिनके प्रभाग अंतर्गत  बढ़ रहे अबैध निर्माणों को लेकर वो अक्सर विवादों में रही है। कुछ माह पूर्व मनपा महासभा में अलका पवार को लेकर नगरसेवकों द्वारा मुद्दा उठाये जाने पर मनपा महापौर मीना कुमार आयलानी ने मनपा आयुक्त को पद से हटाने का आदेश दिया था।परंतु सत्ता में शामिल सभागृह नेता जमुनादास पुरुषवानी द्वारा सदन में महापौर के आदेश को चुनौती देकर अलका पवार को बचाने का प्रयास किया  था।जिसके चलते अलका पवार को मनपा आयुक्त की कार्यवाही से जीवनदान मिल  गया था। वही बताया जा रहा है की गुरुवार को नगरविकास राज्यमंत्री पाटील के आदेश के बाद मनपा आयुक्त राजेन्द्र निम्बालकर दबाव में आ गये है!
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