नरेंद्र मोदी के बिना छुट्टी और आराम के लगातार उर्जावान रहने का राज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मॉर्निंग एक्सरसाइज का वीडियो शेयर किया है. उसे देखकर अब देश की अवाम ये समझ सकती है कि आखिर कैसे प्रधानमंत्री मोदी बिना छुट्टी लिए लगातार काम कर पाते हैं. उनकी फिटनेस का राज का कुछ हिस्सा सुबह की एक्सरसाइज और योगाभ्यास से समझा जा सकता है. बाकी संतुलित भोजन और व्रत उनकी फिटनेस की कहानी कहता है. लेकिन इस वीडियो के जरिये प्रधानमंत्री मोदी ने कई संदेश देने की कोशिश की है.

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी के फिटनेस वीडियो के पीछे क्रिकेटर विराट कोहली का चैलेंज है. 23 मई को विराट कोहली ने प्रधानमंत्री मोदी और महेंद्र सिंह धोनी को फिटनेस चैलेंज दिया था, जिसे स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने न सिर्फ विराट कोहली के फिटनेस चैलेंज का जवाब दिया बल्कि राजनीतिक विरोधियों को भी चुनौती दे डाली. उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने कुमारस्वामी को फिटनेस चैलेंज दिया है.

कुमारस्वामी 58 साल के हैं और प्रधानमंत्री मोदी से उम्र में 9 साल छोटे हैं. कुमारस्वामी पर कर्नाटक में गठबंधन की सरकार का दायित्व है. उन पर कर्नाटक की जनता की उम्मीदों का बड़ा भार है. ऐसे में कुमारस्वामी का फिट रहना राज्य की जनता के लिए भी जरूरी है. प्रधानमंत्री मोदी ने यही संदेश देने की कोशिश की है और पूरे देश को बताया कि किस तरह से वो देश की फिटनेस के लिये खुद की फिटनेस पर भी इतना जोर देते हैं. तभी हैशटैग ‘हम फिट तो इंडिया फिट’ मोदी के वीडियो के जरिये कई संदेशों के साथ सामने है.

योगाभ्यास के कई रूप

प्रधानमंत्री मोदी के सुबह के व्यायाम और योगाभ्यास में कई रूप भी जुड़े हुए हैं. एक तरफ उन्होंने धरती के पंच तत्वों के साथ खुद का जुड़ाव दिखाया है. वो शीतल जल में नंगे पांव चलते हैं तो मिट्टी पर भी चलते हैं. वो पथरीली जमीन के साथ हरी घास पर भी चलते हैं. सुबह की प्राणवायु में अनुलोम-विलोम करते मोदी ये बता रहे हैं कि स्वस्थ जीवन के लिये किसी जिम की भारी भरकम मशीनों की बजाए प्रकृति के साथ सीधा रिश्ता जरूरी है.

उन्‍होंने ट्वीट किया कि ‘मैं ट्रैक पर चलता हूं जिसमें पंचतत्व हैं- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश. यह तरोताज़ा कर देता है और मैं श्वास का भी अभ्यास करता हूं.’

मोदी ने सेहत के लिए प्रकृति से जुड़ाव का संदेश दिया तो साथ ही उनकी अभ्यास की क्रियाओं में धर्म और आध्यात्म का भी पुट दिखा. कहीं वो सिर और कंधे पर गंगाजल लेकर महादेव के धाम में पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों की तरह चलते दिखे तो कहीं वो दुर्गम सीमा में हाथों में बंदूक थामें सजग प्रहरियों की तरह प्रतीकात्मक रूप में चलते दिखे.

भगवान बुद्ध भी दिखे

उनके ध्यान के केंद्र में शांति और मोक्ष के सबसे बड़े प्रतीक भगवान बुद्ध का चेहरा नजर आता है. ये भी एक संकेत है कि भगवान बुद्ध को राजनीति में कोई सिर्फ किसी एक दल या विचारधारा का प्रतीक नहीं बना सकता बल्कि आध्यात्मिक शांति के लिए भगवान बुद्ध ही मोक्ष का सबसे बड़ा प्रतीक हैं जिनका आवरण सिर्फ धरती तक ही सीमित नहीं किया जा सकता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने टेबल टेनिस प्लेयर मनिका बत्रा को भी फिटनेस चैलेंज दिया है. इसके अलावा देशभर के उन सभी आईपीएस अफसरों को भी फिटनेस चैलेंज दिया है जो 40 साल की उम्र पार कर चुके हैं. प्रधानमंत्री  मोदी ये संदेश दे रहे हैं कि अगर स्वस्थ जीवन की चाह है तो बढ़ती उम्र के बावजूद कई राह भी हैं.

प्रधानमंत्री मोदी के फिटनेस वीडियो में अगर स्वस्थ जीवन हासिल करने का संदेश है तो साथ ही राजनीतिक विरोधियों के लिये प्रतीकात्मक संदेश भी. लेकिन इस वीडियो से पूरा देश ये अब जरूर समझ जाएगा कि चार साल के प्रधानमंत्रीत्व काल में प्रधानमंत्री मोदी इतने फिट कैसे हैं. 67 साल की उम्र में भी वो किसी युवा की तरह ऊर्जावान हैं जो कि बिना बीमार पड़े और बिना छुट्टी लिए लगातार काम करते हैं.

संतुलित व्यायाम और खान-पान

जब देश किसी त्योहार के रंग और उमंग में डूबा हुआ होता है और देश में छुट्टियों की खुमारी होती है तब प्रधानमंत्री देश के सीमाई इलाकों में सेना के जवानों के साथ मौजूद होते हैं. मोदी की जीवटता उनके कामकाज से दिखाई देती है. तमाम विदेशी दौरों के बावजूद उनके चेहरे पर थकान नहीं दिखती है. एक ही दिन में वो अलग-अलग राज्यों में चुनावी रैलियों को संबोधित करने के साथ मंत्रालय की बैठक करने तक का करिश्मा दिखा चुके हैं.

प्रधानमंत्री मोदी के लिए कहा जाता है कि वो उम्र के इस पड़ाव में भी पांच से छह घंटे की ही नींद लेते हैं. वहीं खानपान में संतुलित आहार ही लेते हैं. वो शुद्ध शाकाहारी हैं. ये भी कहा जाता है कि वो नमक और ठंडा पानी भी बिल्कुल छोड़ चुके हैं. वो हल्का भोजन करते हैं ताकि शरीर पर थकान का असर नहीं पड़े. वहीं नवरात्र के मौके पर वो नौ दिनों तक सिर्फ नींबू-पानी पीकर व्रत भी रखते हैं. सूर्यनमस्कार और प्राणायाम वो नियमित रूप से करते हैं. उनकी मॉर्निंग एक्सरसाइज का वीडियो उनकी नियमित दिनचर्या और शानदार फिटनेस की गवाही दे रहा है. अब देखना ये है कि उनके फिटनेस चैलेंज को राजनीतिक विरोधी किस तरह से लेते हैं. शायद कांग्रेस ये जरूर सोच सकती है कि आखिर कुमारस्वामी को ही प्रधानमंत्री मोदी ने फिटनेस चैलेंज क्यों दिया?

 

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