प्रभुराम नगर की रामलीला 8वा दिन: लंका दहन,लक्ष्मण शक्ति

 

(जय दूबे )

सरयूपारीण ब्राह्मण मंच के तत्वाधान में चल रही रामलीला के शुक्रवार की रात्रि मंचन का उद्घाटन उपस्तित मान्यवर- अतिथियों द्वारा किया गया।श्री रामलीला महोत्सव के तहत शनिवार रात को प्रभुराम नगर में लंका दहन, लक्ष्मण शक्ति लीला का मंचन हुआ। हनुमानजी के संजीवनी लाने की लीला लीला देखकर सभी श्रद्धालु आनंदित हो उठे। मैदान श्रीराम-लक्ष्मण की जय-जयकार से गुंजायमान रहा। रामलीला मंचन में श्रीराम से युद्ध में लगातार हार मिलने पर रावण अपने भाई कुंभकरण को जगाता है। कुंभकरण ब्रह्माजी के वरदान से छह माह सोता है और छह माह ही जागता है। कुंभकरण प्रभु श्रीराम से शत्रुता पर रावण को समझाने की कोशिश करता है लेकिन वो नहीं मानता। कुंभकरण का हनुमान और सुग्रीव से युद्ध होता है। अंत में प्रभु श्रीराम कुंभकरण का वध कर देते हैं। इसके बाद रावण पुत्र मेघनाद को युद्ध के लिए भेजता है। मेघनाद राम सेना को व्याकुल कर देता है। लक्ष्मण, प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लेकर मेघनाद से युद्ध करने के लिए आते हैं। युद्ध में मेघनाद लक्ष्मण के ऊपर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर उन्हें मूर्छित कर देता है। राम सेना में हाहाकार मच जाता है। विभीषण की सलाह पर लंका से सुषेन वैद्य को लाया जाता है।  वो हिमालय से संजीवनी बूटी लाने की कहते हैैं। हिमालय पर पहुंच कर हनुमानजी जड़ी-बूटी को पहचान नहीं पाते तो पूरे पहाड़ को लेकर आते हैं। संजीवनी से लक्ष्मण होश में आ जाते हैं।

इस मौके पे मंच के संयोजक विजय पंडित ने कहा कि रामलीला का आयोजन युवा पीढ़ी के लिए संस्कार बीज का काम करेगी

मंच के संयोजक विजय पंडित,अमित तिवारी एवम दर्शन तिवारी ने मुख्य अतिथि आमदार गनपतसेठ गायकवाड़, नगरसेवक नीलेश शिंदे, संपादक निर्भय पथिक अश्वनी मिश्रा आदि को विशेष धन्यवाद दिया।

इस मौके पर सर्वश्री आमदार गणपत सेठ गायकवाड़, नगरसेवक नीलेश शिंदे, बब्बन चौबे, बद्रीनारायण तिवारी, राजेश (मुन्ना) तिवारी, शिवशंकर शुक्ला,रामचंदर पांडेय, विजय एस तिवारी, स्वामी आत्मनन्द जी, धर्मेन्द्र बाबा, संजय तिवारी, संतोष मंडा तिवारी , आदि उपस्तिथ रहे। थे।

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