बच्चो के लिए उपयोगी थैलिसेमिया सेमिनार में विधायक गणपत गायकवाड उपस्थित

(बालकृष्ण मोरे )

उल्हासनगर सिव्हिल अस्पताल में हुये थैलीसीमिया पर सेमिनार में कल्याण पूर्व के विधायक गणपत गायकवाड उपस्थित रहकर इस गंभीर बिमारी के बारे में जाणकारी लेते हुये इस गंभीर बिमारी से पीडित बच्चो से सवांद किया . थैलिसीमिया यह एक गंभीर बिमारी है जो अनुवांशिक है.

इस गंभीर बिमारी में उपचार लेते थैलेसीमिया बच्चों को माता-पिता से अनुवांशिक रूप में मिलने वाला रक्त-रोग अर्थात जेनेटिक डिस्‍आर्डर होता है। इस रोग में शरीर की हीमोग्लोबिन निर्माण की प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है जिसके चलते रक्तक्षीणता के लक्षण पैदा हो जाते हैं। बीटा चेंस के कम या बिल्कुल न बनने के कारण हीमोग्लोबिन गड़बड़ हो जाता है। जिस कारण स्वस्थ हीमोग्लोबिन जिसमें २ एल्फा और २ बीटा चेंस होते हैं, में केवल एल्फा चेंस रह जाते हैं जिसके कारण लाल रक्त कणिकाओं की औसत आयु १२० दिन से घटकर लगभग १० से २५ दिन ही रह जाती है. इससे प्रभावित व्यक्ति अनीमिया से ग्रस्त हो जाता है. इसमें रोगी के शरीर में खून की कमी होने लगती है जिससे उसे बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है.

उल्हासनगर के सिव्हिल अस्पताल में गुरुवार को हुये इस सेमिनार में विधायक गणपत गायकवाड उपस्थित रहे. इस समय थैलीसीमिया पीडित बच्चो के बारे में जाणकारी के साथ ही विधायक गायकवाडने इस अस्पताल के दुसरे प्रॉब्लेम की भी जाणकारी लेते हुये इस का समाधान निकालने का आश्वासन दिया.इस समय अस्पताल के डीन डॉ नंदापुरकर , अशोक खटूजा , प्रकाश तांबे , पप्पू साबले, सुरेश पवाडे , जीवन भानुशाली आदी इस वक्त उपस्थित थे..

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