बहन के फोन पर थे आखिरी शब्द, भाई आकर मुझे बचा लो वरना..

नई दिल्ली : मंगलवार रात करीब साढ़े 11 बजे रेणू ने अपने भाई रविन्द्र को फोन किया था और कहा था कि भाई आकर मुझे बचा लो। वरना राजेश (पति)और ताजवर (देवर)मेरी हत्या कर देंगे। हत्या की आशंका तो पहले ही परिजनों को थी। यही कारण था कि रेणू के पिता उसे लेने के लिए मंगलवार देर रात दिल्ली उसके घर पहुंचने वाले थे। लेकिन जबतक वह रेणू के घर पर पहुंचे,तब तक राजेश ने रेणू की गला रेतकर हत्या कर दी थी।रेणू के भाई रविन्द्र ने बताया कि शादी के एक महीने के बाद से ही राजेश और उसके पिता मतवार सिंह,सास सुदामा देवी,ननद रजनी और देवर ताजवर उसे परेशान करने लगे थे। उसके साथ मारपीट करने लगा। जब वह चार महीने की गर्भवती थी,तब भी उसके साथ मारपीट करते रहे। आखिरकर ससुराल वालों के अत्याचार से परेशान होकर रेणू ने विमेन सेल में मामला दर्ज कराया था। तब राजेश अपनी पत्नी के साथ अलग पड़ोस में ही किराये पर मकान लेकर रहने लगा। लेकिन राजेश और उसका देवर आये दिन परेशान करते रहे। दो दिन पहले भी रेणू ने अपने पिता उमेद सिंह को फोन कर मारपीट और परेशान करने की बात कही थी। इसलिए चंडीगढ़ से मंगलवार शाम पांच बजे बेटी को वापस ले जाने के लिए निकले थे। मंगलवार देर रात जब पहुंचे तो पता चला कि राजेश ने उसकी हत्या कर दी है।रेणू के परिजनों का आरोप है कि तीन साल के बेटे सिधांत का स्कूल में एडमिशन करना था। इसके लिए राजेश और उसके घर वाले रेणू से पैसा लाने को कह रहे थे। उनका कहना था कि अगर बेटे को स्कूल में एडमिशन करना है तो अपने मायके से पैसा लाना होगा। जब उसने इंकार किया तो उसके साथ मारपीट करने लगे। रेणू के परिजनों का आरोप है कि राजेश उसे छोड़कर विदेश जाने वाला था। लेकिन यह बात उसने रेणू को भी नहीं बताई थी। हत्या के बाद पता चला कि उसने चुपचाप विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनवा रखा था।रेणू के पिता का  कहना है कि दो दिन पहले भी रेणू के साथ राजेश के परिजनों ने मारपीट की थी। इस बात की शिकायत उसने पीसीआर कॉल पर भी की थी। लेकिन पुलिस वालों ने मदद नहीं की। उल्टा रेणू को ही कहने लगे कि घर की लड़ाई है,तुम लोग आपस में बात कर लो। यह कह कर चले गये। मंगलवार को जब दोबारा उसके साथ मारपीट हुई तो रेणू ने चार से पांच बार पीसीआर कॉल किया था। लेकिन पुलिस ने घर का झगड़ा कह मदद नहीं की और उसी रात राजेश ने उसकी हत्या कर दी। रेणू के भाई ने बताया कि रेणू घर की इकलौती बेटी थी। पांच भाई-बहनों में वह सबसे छोटी थी और घर की दुलारी बेटी थी। एक दिसंबर 2014 को राजेश से उसकी शादी हुई थी। चूंकि दोनों उत्तराखंड के रहने वाले थे और बिचौलिया ने उनकी शादी करवाई थी। रेणू का परिवार चंडीगढ़ में रहता है और उसके पिता उमेद सिंह सरकारी नौकरी से रिटायर्ड हैं।

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