बिना कानून लागू किये ,आरटीओ ने दो वर्ष में वसूले 1 करोड़ 22 लाख रुपये

केंद्र सरकार द्वारा जानवरों को ढोने के लिए बनाये 1 जनवरी 2016 से लागू किये गए नियम की जानकारी से महाराष्ट्र राज्य परिवहन (आरटीओ ) अनभीग होने का खुलासा आरटीआई के अंतर्गत मंगाए गए जानकारी में हुआ है विशेष की महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग को इस नियम की जानकारी नही होने के कारण किसी को आज तक लाइसेंस नही दिए है लेकिन इस नियम के अंतर्गत महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग द्वारा पिछले दो वर्षो 398 वाहनों पर कार्यवाई कर एक करोड़ 22 लाख 47 हजार रुपये दंड वसूल किये जाने का खुलासा हुआ है |

महाराष्ट्र राज्य एनीमेल वेलफेयर बोर्ड के सदस्य एड सिद्द विद्या ने आरटीआई के माध्यम से मंगाए जानकारी अनुसार 1 जनवरी 2016 को केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों के आरटीओ को जानवरों के सुरक्षित ढुलाई करने के लिए कानून बनाकर उसे अमल करने का जीआर जारी किया था | यह कानून 2015 को बनाये जाने के बाद 1 जनवरी 2016 से लागू करने का आदेश दिया गया था | इस नियम को लेकर महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग से जानकारी मांगे जाने पर आश्चर्य करने वाला जानकारी प्राप्त हुआ है | जिसमे इस कानून के बारे में पूछे  जाने पर इस कानून को लेकर कोई जानकारी नही होने का बताया गया है | इस के साथ इस नियम के अंतर्गत वर्ष 2016  से लेकर वर्ष 2017 तक किये गए कार्यवाई के बारे में जानकारी मांगे जाने पर बताया गया है की 1 अक्टूबर 2016  से लेकर 31 अगस्त 2017 तक राज्य भर में विभिन आरटीओ अंतर्गत अवैध रूप से जानवरों को लेकर जाने वाले 16 हजार 355 वाहनों की जांच कर 398 वाहनों पर कार्यवाई किया गया | इन वाहनों पर कार्यवाई कर एक करोड़ 22 लाख 47 हजार 582 रुपये दंड वसूल किया गया है | इस कार्यवाई को लेकर आरटीओ से अभी तक वाहनों को लाने लेजाने के लिए दिए गए लाइसेंस के बारे में जानकारी मांगे जाने पर बताया गया है की अभी तक एक भी वाहनों को लाइसेंस नही दिया गया है | इस के साथ ही लाइसेंस लेने के लिए फोर्मेट और अप्लिकेशन फॉर्म मांगे जाने पर बताया गया है की इस तरह का कोई अप्लिकेशन फॉर्म नही है | इस को लेकर   महाराष्ट्र राज्य एनीमेल वेलफेयर बोर्ड के सदस्य एड सिद्द विद्या ने बताया की जानवरों को लेकर बनाये गए यह कानून जानवरों के लिए बहुत ही महतवपूर्ण है उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जारी किये गए जीआर को दिखाते हुए बताया की इस कानून के अंतर्गत गाय भैंस ढोने के लिए 2 वर्ग मीटर का जगह ,घोडा लेजाने के लिए 2.5 वर्ग मीटर ,भेंड बकरी के लिए 0 .3 वर्ग मीटर ,सुअर 0.6 वर्ग मीटर ,कुक्कुट के लिए 40 वर्ग मीटर की जगह होना चाहिए |  इतना ही नही जानवरों को लाने लेजाने वाले वाहन सिर्फ इन जानवरों के लिए ही होना चाहिए | इसके बावजूद एक भी वाहन इन नियमो का पालन नही कर रहे है |  एड सिद्द विद्या बताया की जब इस को  लेकर जब कानून के रखाले ही गंभीर नही है या उन्हें इस की जानकारी नही तो आम जनता को किस तरह जानकारी होगा | एड सिद्ध विद्या ने बताया की इस को लेकर जल्द ही  महाराष्ट्र राज्य एनीमेल वेलफेयर बोर्ड  की मीटिंग में सवाल उपस्थित कर कानून अमल नही किये जाने की जानकारी लिया जाएगा | उन्होंने बताया की हमने इस बारे में सरकार को पत्र लिखकर इस कानून को लेकर बरते जा रहे लापरवाही के बारे में बताया गया है |

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