बिल्डर और भ्रष्ट अधिकारी की मिली भागत से अवैध निर्माणों पर कोई कार्यवाही नही!

कल्याण (संवाददाता) बेलगाम बिल्डर और भ्रष्ट मनपा अधिकारियो ने शहरो का हाल बेहाल कर दिया है। इस भ्रष्ट गटबंधन ने घर का सपना देखनेवाले आम आदमी की मानो ज़िन्दगी ही तबाह कर दी है। अवैध निर्माण करना, एक ही फ्लैट कईयो को बेचकर पैसे ऐंठना, एग्रीमेंट से कम क्षेत्रफल के फ्लैट बेचना, वक्त पर निर्माण न करने जैसी धांधली तो जैसे आम हो गयी है। अगर शिकायत करने जाओ तो कोई करवाई नहीं क्यूंकि मनपा अधिकारीयो से इनकी सांठगांठ होती है। कल्याण पूर्व के मौजे चिंचपाड़ा नामक गाँव में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमे बिल्डर ने अवैध निर्माण कर फ्लैट तो बेचे मगर आदेश के बाद भी उसके खिलाफ कोई कारवाई होती नजर नहीं आ रही। शिकायतकर्ता विजय जाधव ने अब इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और जब तक कार्वाई न हो तब तक शांत ना बैठने का मानो बीड़ा उठा लिया है.
कल्याण पूर्व स्थित मौजे चिंचपाड़ा गांव में जय भवानी मंदिर के निकट खेतिहेतु आरक्षित प्लाट पर बिल्डर विनोद बिट्ठल म्हात्रे ने एक तीन माजिला ईमारत और चॉल का निर्माण किया जरूरतमंद लोगो ने पैसा पैसा जोड़कर और बैंक से कर्ज लेकर घर ख़रीदे. शिकायतकर्ता विजय जाधव ने भी बैंक से कर्ज लेकर घर ख़रीदा लेकिन जल्द ही उनके सपनो पर पानी फिर गया। मिली जानकारी के अनुसार यह सारा निर्माण अवैध होने की बात सामने आने से सब पर जैसे बिजली गिर पड़ी. RTI से मिली जानकारी के अनुसार सम्बंधित जगह पर किसी भी निर्माण की अनुमति से इंकार किया गया था। अम्बरनाथ तहसील कार्यालय में दायर शिकायत के बाद बिल्डर को सभी दस्तावेजो के साथ बुलाया गया। बिल्डर ने स्थानीय ग्रामपंचायत की अनुमति का पत्र जमा किया लेकिन सम्बंधित क्षेत्र MMRDA के अधीन होने से अनुमति देनेका अधिकार सिर्फ MMRDA को होने की बात स्पष्ट हुई। इसके बाद ११/१२/२०१७ को यहाँ किया गया सारा निर्माण अवैध घोषित कर उसे ८ दिनों के अंदर तोड़ने का आदेश कल्याण डोम्बिवली मनपा के प्रभाग क्षेत्र अधिकारी ने पारित किया। उनके इस आदेश को अब तीन महीने बीत ऊके है लेकिन कोई कारवाई नहीं हुई है। इस मामले में बिल्डर, स्थानीय पुलिस और मनपा के भ्रष्ट अधिकारियो की मिलीभगत की बात स्पष्ट होती है ऐसा आरोप शिकायतकर्ता विजय जाधव ने किया है। अपने घर का सपना देखनेवाला हर आदमी कर्ज में डूब जाता है लेकिन उसे घर नहीं मिलता और इसके लिए जिम्मेदार है यह भ्रष्ट सिंडिकेट। जब तक इन सब पर कारवाई नहीं होगी तब तक लड़ने का फैसला विजय जाधव ने किया है। अब मनपा आयुक्त इसमें आ कदम उठाते है यह देखना रोचक होगा.

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