भवन निर्माता की जालसाजी केवल दीवानी मामला नहीं,ये आपराधिक मामला भी है – उच्च न्यायालय

(महेश शर्मा)
मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस जे कत्थावाला ने पुलिस को फटकार लगाते हुए एक मामले में राज्य के सभी वरिष्ठ पुलिस निरीक्षको को आदेश दिया है कि वह भवन निर्माताओं के ख़िलाफ़ आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लें,शिकायतकर्ताओं को दीवानी न्यायालय का दरवाजा दिखाने के बजाय उनकी शिकायतों पर आपराधिक मामले दर्ज करें.

न्यायमूर्ति ने यह निर्णय लिबर्टी गार्डन कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड बनाम के टी ग्रुप व अन्य के मामले में सुनाया. इस मामले में लिबर्टी गार्डन को ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के सदस्य मलाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक से के टी ग्रुप व अन्य के विरुद्ध जालसाजी का मामला दर्ज कराने के लिए गए थे लेकिन वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने उन्हें दीवानी न्यायालय जाने की हिदायत दी इसके ख़िलाफ़ लिबर्टी गार्डन को ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के सदस्य मुंबई उच्च न्यायालय पहुंचे.

बता दें कि न्यायालय ने इससे पहले भी कई बार वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों को हिदायत दी है कि वह जन सामान्य की शिकायतों पर भवन निर्माताओं के खिलाफ कार्यवाही करें अब न्यायालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अगली तारीख पर मुंबई पुलिस आयुक्त और मालाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को न्यायालय के सामने हाजिर होने का आदेश भी दिया है

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