भारत की आज़ादी का कड़वा सच (भाग – एक )

(कर्ण हिंदुस्तानी )
शुक्रवार की रात को देश के विभिन्न समाचार चॅनेल्स में एक खबर चली , जिसमें यह बताया गया कि ब्रिटैन की एक अदालत ने ऑपरेशन ब्लू स्टार से संबंधित दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। बेहद कम समय के लिए चली इस खबर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हमें आज़ादी के नाम पर एक झुनझुना थमा दिया गया और आज भी हम पर यूनाइटेड किंगडम का ही अपरोक्ष रूप से राज है।  ब्रिटैन की महारानी एल्जियाबेथ आज भी बे रोक टोक भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप कर सकतीं हैं। महारानी को हिन्दुस्तान आने के लिए किसी वीजा की ज़रूरत नहीं है। १५ अगस्त १९४७ को हम भले ही आज़ादी का जश्न मनाते हुए बंटवारे का दंश झेलते हुए खुद को आज़ाद मान बैठे हों लेकिन यह कटु सच्चाई है कि हमें आज़ादी नहीं मिली है।
तत्कालीन नेताओं ने हिन्दुस्तान की जनता के साथ क्रूर मजाक किया है। अगर यह सच नहीं है तो ब्रिटैन  की अदालत में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने को लेकर क्यों सुनवाई चल रही है।
कुछ सवाल जो केंद्र की सरकार को देना चाहिए.
१) ब्रिटैन का हमारे घरेलू मामलों में आज भी  हस्तक्षेप क्यों है ?
२) हिन्दुस्तान की सरकार इस मामले को लेकर गंभीर क्यों नहीं है ?
3) क्या आज़ादी के नाम पर तमाम हिन्दुस्तानियों को अँधेरे में रख कर अंदरूनी तौर पर अंग्रेज़ों के
साथ कोई गोपनीय समझौता किया गया था ?
४) क्यों हमारे मंत्री और प्रधान मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेते हैं ?
5) आखिर उस रजिस्टर में क्या लिखा होता है जिस पर प्रधान मंत्री और
मंत्री शपथ ग्रहण करने के बाद हस्ताक्षर करते हैं ?
६) हमारी विदेश नीति कौन तय करता है ?
७) हम क्यों अभी तक विश्व बैंक के दबाव में काम करते आ रहे हैं ?
८) हमारी आज़ादी के लिए जंग लड़ने वाले सुभाष चंद्र बोस के बारे में तत्कालीन हिंदुस्तानी सरकार ने
ऐसा कौन सा समझौता ब्रिटैन सरकार से किया था , जिसकी वजह से सुभाषचंद्र बोस की मौत अब तक एक रहस्य बनी हुई है ?
९) क्यों भगत सिंह – राज गुरु और सुखदेव सहित चंद्रशेखर आज़ाद को आतंकवादियों की श्रेणी में रखा गया है ?
१०) क्यों नेहरू गाँधी और गांधी जैसों को आज़ादी  का मसीहा माना गया ?
११) क्यों झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के हत्यारों के खानदान को हिन्दुस्तान की सत्ता में शामिल किया गया ?
१२) क्यों नहीं अभी तक मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद की डायरी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई ?
इन सभी सवालों के साथ – साथ कई अन्य महत्वपूर्ण सवालों को लेकर मुंबई आसपास आज से एक धारावाहिक लेखमाला शुरू करने जा रहा है।  इस धारावाहिक लेखमाला में कुछ तथ्यों को सबूत के तौर पर पेश भी करने की मुंबई आस पास की कोशिश रहेगी। साथ ही कुछ सुनी सुनाई बातों पर भी रौशनी डाली जाएगी। मुंबई आस पास इस लेखमाला के जरिये किसी राजनितिक दल पर कोई आरोप नहीं लगानी जा रहा बल्कि इतिहास के उन पन्नों को युवा पीढ़ी के सामने रखने की कोशिश कर रहा है जिससे हिन्दुस्तान की जनता अब तक अनभिज्ञ थी। आशा है मुंबई आसपास के चाहने वाले इस लेखमाला के जरिये अपनी आज़ादी का सच जान सकेंगे।
                                                                                                                                                                                               (जारी ……)
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