मोखाडा तालुका के 40 गांव में पानी के बिना शौचालय बंद

डोम्बिवली (संवाददाता )खुले में शौच से मुक्त महाराष्ट्र राज्य कह कर अपनी पीठ थपथपा रही है वही पालघर जिला की मोखाडा तालुका के करीब 45 गांव में शौचालय पानी के बिना बंद पड़ी है गांव में भीषण पानी की किल्लत है जिसके चलते टैंकर से जल आपूर्ति की जाती है गांव में अच्छे दिन कब आएंगे ऐसा सवाल करते हुए गावकरी परेशान हैं डोंबिवली पत्रकार संघ की ओर से मोखाडा तालुका के गांव का डोरा किया और वहां की परिस्थिति को जाना है मोखाडा तालुका के 45 गांव मैं पानी की किल्लत को आदिवासी इलाके में टैंकरों से जल आपूर्ति की जाती है. टैंकर से पानी लाकर गांव के कुएं में छोड़ दिया जाता है. पानी को लाने के लिए करीब 2 किलोमीटर तक चलकर जाना पड़ता है गांव में शासन ने शौचालय पर बंदी लगा रखी है क्योंकि गांव में पीने का पानी नहीं मिलता. तो सोच के लिए कहां से पानी लाया जाएगा? ऐसा आदिवासियों का कहना है परिवर्तन महिला संस्था मोखाडा तालुका के 70 गांव में काम कर रही हैं जिसमें युवा वर्ग रोजगार के लिए गांव छोड़ कर चले जाते हैं गांव में युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए सरकार को प्रयत्न किया जाना चाहिए. गांव का विकास हो इसके लिए संस्था अध्यक्ष ज्योति पाटकर के नेतृत्व में परिवर्तन महिला संस्था प्रयत्नशील है ऐसी जानकारी वर्षा परकुरे ने दी है नीलमातिल पाड़ा के चंद्र दलवी ने युवाओं से गांव ना छोड़ कर स्पर्धा की परीक्षा में बैठने की सलाह दी और गांव ना छोड़ने के लिए वह हमेशा उन्हें मार्गदर्शन करते रहते हैं गांव में पानी इकट्ठा करने के लिए एक बांध बांधा गया है जिसका की सिर्फ बारिश में ही उसका उपयोग होता है ऐसा चंदर ने बताया है संस्था के भास्कर देवले गावँ का कामकाज देखते है.मोखाडा तालुका के 40 गाँव मे पानी की किल्लत होने की वजह से प्रत्येक गांव में 2 या 3 कुपोषित बालक हैं.

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