रिलायंस एनर्जी पर महाराष्ट्र सरकार के पंद्रह सौ करोड़ का बकाया.

(म विजय )

देश के हालात को देखते हुए लगता है कि देश में एक नए किस्म की व्यवस्था लागू हो गई है। इसमें आप टैक्स भरेंगे लेकिन वो सरकारी खजाने में नहीं बल्कि पूंजीपतियों की जेब में जाएगा।
इस तरह का एक मामला महाराष्ट्र में सामने आया है। महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार है। यहाँ पीएम मोदी के करीबी माने जाने वाले अनिल अम्बानी की बिजली कंपनी ने जनता से तो टैक्स वसूल कर लिया है लेकिन वो पैसा सरकार को नहीं दिया गया है।
आरटीआई से पता चला है कि कारोबारी अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस एनर्जी ने ग्राहकों से वसूलने के बावजूद राज्य सरकार को 1 हज़ार 451 करोड़ रुपये के बिजली शुल्क और अन्य करों का भुगतान नहीं किया है।
सामाजिक कार्यकर्ता अनिल गलगली ने एक आरटीआई दायर कर रिलायंस एनर्जी द्वारा दिए जाने वाले बिजली शुल्क और बिजली कर की स्थिति जानने की मांग की थी। सांताक्रूज डिविज़न के बिजली निरीक्षक मिनाक्षी वाथोर द्वारा दिए गए जवाब में कहा गया है कि पिछले पांच महीनों (जून 2017 से अक्टूबर 2017 तक) में रिलायंस ने बिजली शुल्क, बिजली कर, टॉस और ग्रीन सैस के रूप में जनता से 591 करोड़ 50 लाख 53 हज़ार 500 रुपये वसूल किये हैं। लेकिन कंपनी इसे सरकार को हस्तांतरित करने में विफल रही है। रिलायंस एनर्जी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। इसके अलावा मुंबई सेंट्रल डिवीज़न के बिजली निरीक्षक ने भी बताया कि अक्टूबर 2016 से मई 2017 तक रिलायंस ने ग्राहकों से 860 करोड़, 18 लाख 61 हज़ार 700 रुपये विभिन्न टैक्स के रूप में वसूल किए हैं। लेकिन पैसे को सरकारी खजाने में हस्तांतरित नहीं किया है। आरटीआई कार्यकर्ता गलगली ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडनवीस को एक पत्र लिखकर अनिल अंबानी की रिलायस कंपनी के खिलाफ और मामले से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Please follow and like us:
error

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Facebook
Twitter
YouTube
Follow by Email