वाहन टोइंग घोटाला, छीटे मुख्यमंत्री कार्यालय तक,परेशानी पैदा कर रही है मुख्यमंत्री का नागपुर प्रेम.

( राजेश सिन्हा )

महाराष्ट्र सरकार ने मुम्बई में वाहन टोइंग का ठेका देने में नागपुर की विदर्भ इन्फोटेक कंपनी पर विशेष मेहरवानी दिखाने का गंभीर आरोप मुम्बई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने लगाया है कांग्रेस अध्यक्ष ने दंड वसूली ४ गुना बढ़ने,ठेके की प्रक्रिया भी ठीक ढंग से पूरी नहीं करने, ये कंपनी के पास वाहन टोइंग का कोई अनुभव नहीं होने,और कपनी नागपुर की होने के कारण उसे ये फ़ायदा दिए जाने का गंभीर आरोप लगाया है.जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय से ये जबाब आना की इस कंपनी को पिछली सरकार ने भी अनेक ठेके दिए थे,इसीलिए उन्हें ये ठेका दिया गया. ये जबाब अटपटा सा लगता है.मुख्यमंत्री कार्यालय को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम के अनुसार कंपनी विदर्भ इन्फोटेक को वाहन टोइंग का कोई अनुभव नहीं है.वो पहले सरकारी संस्थानों में संगणक सप्लाई का काम करती थी. अचानक से विना आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के वाहन टोइंग का ठेका जैसा नया काम इस कंपनी को दे दिया गया.ऊपर से पहले अवैध पार्किंग करने वालो से १००-१५० रूपये वसूले जाते थे.अव बढ़ा कर ६६० कर दिए गए,जिसमे कम्पनी को प्रतिवाहन 400 रु सीधे मिल रहे है.दलील ये दी गयी की न्यायलय ने आधुनिक तरीके से वाहन टोइंग करने के निर्देश दिए है. जिसमे खर्च बढ़ गया.

कांग्रेस अध्यक्ष निरुपम के अनुसार के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णविस के निजी सचीव् प्रवीण दराडे और विदर्भ इन्फोटेक कंपनी में पुराने सम्बन्ध है.दराडे आजतक जहा जहा गए है,इस कंपनी को फायदा पहुचाते रहे है.और ये ठेका भी दराडे की मेहरवानी से ही मिला है. ऐसे में शुरुवात से पाक साफ़ छवि वाले राजनितिक जीवन जीने वाले मुख्यमंत्री फड़णविस को ऐसी स्थितिया परेशानी पैदा कर सकती है.

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