वे दोनों नकली नोट बना कर जुआं के अड्डे पर चलाते थे.

दो दिन पहले उल्हासनगर में पकड़ी गई महिला फिलहाल नकली नोट चलाने के मामले में जेल में बंद है .जिसके चलते उसका एक और साथीदार राकेश इसरानी पकड़ा गया है जिसने क्राइम ब्रांच ऑफिस में हूबहू नकली नोट बनाकर पुलिस के सामने पत्रकारों को बताएं. पकड़ी गई 47 वर्षीय महिला उल्हासनगर में जुए का अड्डा चलाती है और बनाए गए इन नोटों को उन जुआरियों के बीच में 20 से 30 प्रतिशत कमीशन पर चला देती है मार्केट में  यह 47 वर्षीय महिला ने करीब 11 हजार के नकली नोट लाई थी जिसका नाम पुलिस ने मीता उर्फ हरि विवेक मालाणी बताया है जो शुक्रवार की शाम 5:30 बजे मार्केट में नकली नोट चलाने आई थी

उल्हासनगर क्राइम ब्रांच को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पीआय महेश तरडे ने एक टीम बनाकर महिला को बाजार से पकड़ लिया . और उससे करीब 100 रुपये के 11 हजार नकली नोट बरामद किए गए .इस नकली नोट को बनाने वाला मास्टरमाइंड राकेश असरानी नामक युवक को आज उल्हासनगर क्राइम ब्रांच ऑफिस में पत्रकारों के समक्ष हूबहू 100 रुपये के अनेक नकली नोट बनाकर बताएं .इस मामले में पकड़ी गई महिला फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे हैं लेकिन इस काम मुख्य आरोपी राकेश इसरानी को फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है यह दोनों ही मिलकर इस गोरखधंधे को चला रहे थे अब तक इन्होंने 50,हजार रुपये के नकली नोट मार्केट में चलाएं है  इस धंदे में यह दोनों ने किसी और को शामिल इसलिए नहीं करते थे क्योंकि इस गोरखधंधे का भांडाफोड़ होने का उन्हें डर था. यह इसरानी उल्हासनगर में रिक्शा चलाया करता था उसने YouTube और Google के नेट पर जाकर नकली नोट बनाने का कारोबार सीखा वह बाजार से रद्दी के भाव में कागज खरीदकर और लोन पर प्रिंटर लेकर नकली नोट बनाने का कारोबार घर में शुरू कर दिया था. जिसके चलते उल्लासनगर क्राइम ब्रांच ने छापा मारकर स्कैन मशीन, कैंची, रद्दी पेपर और अन्य सामग्री बरामद की है फिलहाल उल्हासनगर के व्यापारियों ने भी पुलिस विभाग का आभार माना उनका कहना है देश के साथ हमारे साथ भी धोखा हो सकता था इसलिए इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस विभाग सम्मानित है

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