शहापुर के कई ग्रामीण में पीने के पानी की किल्लत ,पानी के टैंकर पर ही निर्भर निवासी

एम विजय

शहापुर :शहापुर से ३०  से ४०  किलोमीटर के गावो मे कुओ का पानी सुख जाने से गाववालो को पानी के टैंकर पर ही निर्भर रहना पडता है

नारलवाडी ,कसारा, अजनुक ,कोलीवाडा ,काटीचा पाडा ,वडाचा पाडा, कसारा-दांड, शिरोळ ,आंब्याचा पाडा, चाफयाचा पाडा में 70 घर यानि कुल 48 पाडो पर पीने का पानी की व्यवस्था नही होने से घर से २.५०  से ३  किलोमीटर से पानी भरना पडता हैएक हंडा पानी भरने के लिए करीबन ४५  मिनीट लगते है पुरा पानी के लिए दिन लग जाता है.तालुका में ५  गाव एसे ३०  पाडा है जिसमे शासन ने ९  टैकर की व्यवस्था रखी है एक दिन के बाद तिसरे दिन टैकर का पानी कुए मे डाला जाता है जो उंट के मुह मे जीरा साबित हो रहा हैबारिस का पानी जनवरी तक ही काम मे आता है बाकी के महीनो मे टैकर के पानी पर ही काम चलता है यह पानी सिर्फ पीने के लिए ही मिलता है नहाने धोने के लिए गाव से ५  किलोमीटर पर जो नदी नालो मे पानी है उसका उपयोग किया जाता है शादी के लिए निजी टैकर का पानी मंगाते है एक टैकर करीबन  १५००  से २००० तक मिलता है टैकर का पानी भातसा नदी से लाते है टैकर का पानी कुंए मे डालते ही लोगो की भीड कुंए पर टुट पडते है और पानी देखते देखते कब खत्म होता है पता भी नही चलता है यहाँ पीने का पानी लोगो को कम पडता है पिछले कई सालो से पानी  की समस्या लगातार चली आ रही है भातसा डैम इन गावो से ७० से ८०  किलोमीटर पर होकर भी गाववालो को इसका पानी नही मिलता क्यो की यहा शासन की कोई भी पानी योजना नही है हाल ही मे मुख्यमंत्री ने भावली डैम का पानी देने को घोषणा करके वहवाही तो लुटली है लेकिन यह योजना लागु होने के लिए करीबन १०  से १२  साल लग सकते है इतने सालो तक गाववालो को पानी के लिए तरसना ही पडेगा .इस पानी के चक्कर मे अब तक कुछ लोगो जान से हाथ धोना पडा है. पिछले साल ही दांड गाव के तुकाराम को पानी के लिए जान गवानी पडी पता नही और कितनी जाने जांएगी. एसी जानकारी श्रमजीवी संघटना के बाला भाउ और दशरथ ने दी. यह संघटना इन गावो मे पानी की समस्या पर ओर कई प्रकार के काम करती है.खर्डी १५ से २० हजार की बस्ती मे एक ही कुआ है नंदानामक महिला को सुबह ४  बजे से पानी भरने दिन बीत जाता है संगीता परदेशी ३०  साल से यहा की निवासी है पानी की समस्या से इतनी परेशान है कि इससे तो मौत अच्छी है साथ ही अगर कोई मंत्री आता है तो उसके सामने आग लगाकर इसी कुए मे जान देने की बात कही है  पानी की समस्या के कारण यहा के युवको की शादी के लिए कोई लडकी भी नही देता और सप्ताह के कपडे धोने के लिए रेल से खडवली जाकर नदी पर धोते है दिनभर वही कपडे सुखाकर शाम को घर लौटते है आजनुप गाव मे टैकर से पानी लाकर डायरेक्ट गाव वालो मे बाटते है इसी गाव मे बोरिंग पर लोग रातभर कतार लगाते है जब नींद खुलती है पानी भरते है पर उसके भी पानी काफी कम लगता है पानी योजना के अंतर्गत पानी कभी कभी ५  मिनीट के लिए छोडा जाता है..

 

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