संजय घरत की गिरफ्तारी के जाग उठे केडीएमसी अधिकारी,सत्रह अवैध निर्माणकर्ता एमआरटीपी गिरफ्त में ,सैंकड़ों पर लटकी कार्रवाई की  तलवार। 

(कर्ण हिन्दुस्तानी )

अपने भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से बदनामी का दंश झेल रही कल्याण डोम्बिवली मनपा के अधिकारीगण अचानक अवैध निर्माण करने वालों के विरोध में ताल ठोक कर खड़े हो गये हैं। पिछले माह के पहले सप्ताह में मनपा के अतिरिक्त आयुक्त संजय घरत को एक भवन निर्माता से आठ लाख रूपये लेते हुए रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने  रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इसके बाद मनपा की काफी बदनामी हुई थी। इस बदनामी के चलते मनपा की हद में हो रहे अवैध निर्माणों का मुद्दा सभी ओर खूब उछला था। इन अवैध निर्माणों से अधिकारी वर्ग को होने वाली काली कमाई के आंकड़े जान कर सभी हैरान थे। लेकिन संजय घरत की गिरफ्तारी के बाद अधिकारी वर्ग सकते में आ गया है। अब प्रभाग अधिकारी अवैध निर्माण करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसने में जुट गये हैं। इसी कड़ी में प्रभाग अधिकारी शरद पाटिल ने १९ / ०६ /२०१८ को जावक क्र. क़डोमपा /अबांनि/ प्रभाग ९ (आय ) १०८ के जरिये अनधिकृत बांधकाम मुख्य कार्यालय के उपआयुक्त को पत्र लिख कर अपने प्रभाग के १३३ अवैध निर्माणों की जानकारी दी है। इन १३३ अवैध निर्माणकर्ताओं में से १७ लोगों पर एम आर टी पी के तहत कार्रवाई की गयी है।
बकौल शरद पाटिल बाकी अवैध निर्माणकर्ताओं पर भी जल्द ही एम आर टी पी के तहत जल्द कार्रवाई की जाएगी।
कल्याण डोम्बिवली मनपा के सूत्रों पर यदि विश्वास करें तो अवैध निर्माण करने वालों में मनपा के सभी दलों के नगरसेवक , विभिन्न राजनितिक दलों के जिला पदाधिकारी भी शामिल हैं। इन सभी पर यदि एम आर टी पी के अंतर्गत कार्रवाई होती है तो सभी दलों का असली चेहरा सामने आ जाएगा। मनपा के कुछ अधिकारीगण मनपा आयुक्त गोविन्द बोडके के कडे रवैय्ये के चलते डरे हुए हैं। क्योंकि जब अतिरिक्त आयुक्त संजय घरत को भ्रष्टाचार  निरोधक ब्यूरो ने रंगे हाथों पकड़ा था और नियमानुसार मनपा आयुक्त गोविन्द बोडके से घरत को गिरफ्तार करने की इजाजत मांगी थी। तब गोविन्द बोडके पर सभी दलों के बड़े – बड़े नेताओं ने काफी दवाब डाला था कि संजय घरत की गिरफ्तारी की इजाज़त ना दी जाए।  मगर आयुक्त ने सभी राजनीतिक दवाबों को दरकिनार करते हुए संजय घरत की गिरफ्तारी को हरी झंडी दे दी। आयुक्त के इस दमदार निर्णय से मनपा अधिकारियों और मनपा कर्मियों में आयुक्त के नाम की दहशत बन गयी है। इसी दहशत का परिणाम है कि अब प्रभाग अधिकारी अपने प्रभाग के अवैध निर्माणों की ना सिर्फ सूची बना रहे हैं बल्कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ एम आर टी पी के तहत कार्रवाई भी कर रहे हैं।
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