सिर्फ बंदे मातरम कहना देशभक्ती नही। प्रधानमंत्री मोदी।।

राजेश सिन्हा:

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद के शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक भाषण के 125 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विज्ञान भवन में देश भर के युवाओं को संबोधित किया। इसमें देश भर के कॉलेजों ने अपने कॉलेज के कामन रुम में टी बी और प्रोजेक्टर से प्रधानमंत्री का भाषण का सीधा प्रसारण छात्रों को सुनाया जाए ऐसी व्यवस्था की थी। प्रयोग नया था और महाविद्यालय प्रबंधन को अपेक्षित सफलता नही मिली होगी।और उपस्थिति भी कम होगी। लेकिन जितने भी छात्र छात्राओ ने प्रधानमंत्री का भाषण सुना होगा। वस मोदी मोदी और बन्दे मातरम कहते हुए निकले होंगे।

पुणे के प्रसिद्ध फर्गुसन कालेज में भी प्रधानमंत्री का भाषण का सीधा प्रसारण दिखाया जा रहा था। और इसका सीधा प्रसारण मराठी न्यूज़ चैनल आई बी ऍन लोकमत पर था जिसमे 40 – 50 छात्र छात्राओं की उपस्थिति थी। प्रधानमंत्री के भाषण के शुरुवात के 20 – 25 मिनट उपस्थित सभी छात्र का ध्यान बटा था। कोई साथ बैठे साथी की बातों में मशगूल था कोई अपने मोबाइल में।लेकिन थोड़े समय मे ही ये सभी छात्र का ध्यान सामने स्क्रीन पर था। और पूरा ध्यान मोदी के भाषण पर। पुणे में बैठ कर ये छात्र भी लगातार मोदी के भाषण पर जोर जोर से बन्दे मातरम बोलकर ओर तालिया बजा कर प्रतिसाद देते दिखे।

मोदी लंबा भाषण देते है इस बात का जिक्र देशभर के उनके आलोचक ओर विश्लेषक दोनों करते है लेकिन फिर भी उनकी सभाओ में भीड़ कम नही होती है और भाषण के दौरान लगातार उन्हें लोग तालियां बजाकर,बन्दे मातरम की घोषनबाजी कर जनसमर्थन भी देते रहते है।
हर बार प्रधानमंत्री के भाषण का विषय अलग, लेकिन मुख्य संदेश वही। स्वक्षता, देश मे शांति और सौहार्द, और विकास में जनभागीदारी।।
आज सोमवार सुबह विवेकानंद के शिकागो में दिए भाषण के 125 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय होने के नाते हमे जीवन मे कम से कम एकबार विवेकानंद का जीवन चरित्र पढ़ना चाहिये। और उनके जीवन से कुछ सीखने का प्रयास करना चाहिए। आज देधभक्ति के नाम पर लोग बन्दे मातरम की नारेबाजी जोरशोर करते है। लेकिन अपने आसपास फैले गन्दगी को नजरंदाज करते है।
छात्र राजनीति पर कटाक्ष करते हुए मोोदी ने कहा देश भर की छात्र राजनीति कहा से कहा पहुच गई है।उन्होंने इस विषय पर अधिक चर्चा न करते हुए कहा की छात्र जीवन से ही देश के प्रति समर्पण की भावना रहनी चाहिए। कोई भी छात्र संगठन अपने महाविद्यालय के चुनावी एजेंडे में कही कॉलेज परिसर स्वच्छ रखने की बात नही रखते है। महाविद्यालयो में रोज डे मनाया जाता है कभी ऐसा डे भी कॉलेजो में मनाया जाए जिसमे देश की विभिन्न संस्कृतिया, महापुरषो ,सभ्यताओ का जिक्र हो। उन्होंने सरकार के मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया जैसी योजनाओं का लाभ लेते हुए देश के विकास के मुख्यधारा से जुड़ने का आव्हान किया।

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