आखिर राहुल ने सच उगल ही दिया ! कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है.

(कर्ण हिंदुस्तानी )
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने आखिरकार कांग्रेस को मुसलामानों की पार्टी कह कर एक कड़वा सच उगल ही दिया।मुस्लिम समुदाय के एक सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से मुस्लिमों की पार्टी है मुस्लिम इसे अपनी ही पार्टी समझे इस खबर को उर्दू के एक प्रसिद्ध दैनिक इंकलाब ने प्रथम पृष्ठ पर जगह दी है जिसको लेकर देश की राजनीति में बवाल मच गया है
कांग्रेस को अपनी बपौती समझने वाले नेहरू ने आज़ादी के बाद से हिन्दू क्रांतिकारियों का नाम इतिहास से मिटाना शुरू किया और हिन्दू राजाओं को बौना साबित कर मुग़ल शासकों की वाह वाही की।शिक्षा के क्षेत्र में भी मुगल शासकों को ही बड़ा बताते हुए उनकी गाथाएं पढ़ाई जाने लगीं।  जिस अकबर को महान बताया गया वह महान अकबर महाराणा प्रताप के नाम भर से काँप उठता था यह कहीं नहीं पढ़ाया गया। हिन्दू राजाओं को इतिहास से मिटाने का जो कुचक्र रचा गया वह कुचक्र इसी कांग्रेस ने रचा था।
सिखों के राजा रणजीत सिंह की गौरव गाथा को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। कश्मीर के हिन्दू राजाओं को दरकिनार कर,कश्मीर को शेख अब्दुल्लाह और उनके परिवार की बपौती बताया गया। हमें यह नहीं बताया गया कि कश्मीर का नाम कश्यप ऋषि के नाम से कश्मीर रखा गया था। आज राहुल गाँधी ने हिन्दुस्तान के सभी हिन्दुओं को सोचने पर मज़बूर कर दिया है कि पाकिस्तान के निर्माण के पीछे किसका सीधे तौर पर हाथ था।
क्यों मुसलामानों को उनके लिए अलग राष्ट्र देने के बावजूद हिन्दुस्तान को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र  घोषित किया गया ?
क्यों हिन्दुओं के साथ कांग्रेस ने दग़ाबाज़ी की ?
क्यों एक ही परिवार के तीन – तीन लोगों को भारत रत्न दिया गया ?
क्यों सावरकर को अंग्रेज़ों का पिट्ठू बताया गया ?
क्यों अटल बिहारी वाजपेयी को अंग्रेज़ों का मुखबिर साबित करने की साज़िश रची गई ?
क्यों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को देश विरोधी साबित करने की साज़िश रची जाती है ?
क्यों भगत सिंह को पाठ्य पुस्तकों में आतंकवादी लिखा जाता है ?
क्यों बटुकेश्वर दत्त को बीमार हालत में आर्थिक परेशानियों से गुजरने पर मज़बूर होना पड़ता है ?
क्यों हिन्दुस्तान में हॉकी का जादूगर कहलाने वाला ध्यानचंद अपने अंतिम दिनों में चाय की दूकान लगाकर घर चलाता था ?
क्यों मंदिरों में एकत्र होने वाले चंदे पर कांग्रेस की नज़र लगी रहती है ?
क्यों दरगाहों को महिमामंडित किया जाता है ?
क्यों मदरसों में धर्म विशेष की पढ़ाई के लिए खुली छूट दी जाती है ?
क्यों सड़कों पर खुले आम नमाज़ की इज़ाज़त दी जाती है ?
क्यों हिन्दुस्तान में हिन्दुओं के पर्वों पर पाबंदियां लगाई जातीं हैं ?
क्यों बकरीद पर सड़कों पर बकरे काटने की आज़ादी दी जाती है ?
क्यों गौ वंश के हत्यारे को कांग्रेस ने सज़ा ए मौत देने का क़ानून पारित नहीं किया ?
क्यों हिन्दुस्तान के क़ानून में हिन्दू – मुसलमानों की मामूली लड़ाई को हिन्दुओं द्वारा मुस्लिमों पर हमला करने की धारा लगाई जाती है ?
क्यों ?? क्यों ??? क्यों ????
इन सभी क्यों का एक ही जवाब था और वह था कांग्रेस का मुस्लिमों की पार्टी होना। अब इस बात पर कांग्रेस के युवराज ने भी मुहर लगा दी है। अब भी यदि कोई यह कहता होगा कि कांग्रेस राष्ट्रवाद की जनक है तो मैं उसे सिर्फ मूर्ख नहीं बल्कि महामूर्ख कहूंगा। किसी को मिर्ची लगे तो लगे।
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