आम्रपाली ग्रुप के सीएफओ की सुप्रीम कोर्ट के तीखे सवालों से यूं लौट आई ‘याददाश्त’, पूछे कड़े सवाल

नई दिल्ली: आम्रपाली ग्रुप के सीएफओ की ‘ याददाश्त’ सुप्रीम कोर्ट के तीखे सवालों से लौट आई. पिछली सुनवाई के दौरान फॉरेंसिक ऑडिटर के धनराशि के साइफन मामलों के सवालों के जवाब ‘याद नहीं आ रहा’ देने वाले सीएफओ ने शुक्रवार को कोर्ट के सारे सवालों के जवाब दिए. कोर्ट ने कहा था अगली सुनवाई पर हम आपकी याददाश्त वापस लाने की कोशिश करेंगे. कोर्ट ने मेमोरी टेस्ट के लिए उन्हें तलब भी किया था. सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के ऑडिटर को आदेश दिया. कंपनी से जुड़े सभी दस्तावेज 24 घंटे के भीतर कोर्ट के द्वारा नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर्स को सौंपे. आम्रपाली के ऑडिटर -मी लार्ड,क्लोजिंग टाइम है (वित्तीय वर्ष के तीसरे क्वार्टर की), थोड़ा टाइम दे दीजिए. कोर्ट-आप तो ख़ुद अपना कैरियर क्लोज कर रहे है. आपके पास सिर्फ 24 घण्टे का वक़्त है, दस्तावेज जमा कराने के लिये. मामले की सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी.

शीर्ष अदालत ने 23 ”मुखौटा कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया जिनके बारे में समूह ने विशेष प्रयोजन वाली कंपनियां होने का दावा किया। न्यायालय ने इन कंपनियों के गठन और बैंक खातों का ब्योरा मांगा। इसने आम्रपाली समूह से कहा कि वह 2008 से कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी लैपटॉप, कंप्यूटर और हार्ड ड्राइव फॉरेंसिक विशेषज्ञों को सौंप दे।

मामले की जांच के लिए इन फॉरेंसिक विशेषज्ञों की नियुक्ति न्यायालय ने की है। न्यायमूर्ति अरुण मिश्र और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने सी एफ ओ चंदर वाधवा से कड़ी पूछताछ की जिसने पूर्व में फॉरेंसिक ऑडिटरों की पूछताछ के दौरान ”याददाश्त खोने का दावा किया था। इसने कंपनी के दो आंतरिक ऑडिटरों- अनिल मित्तल और रवि कपूर से भी कहा कि वे समूह से संबंधित सभी दस्तावेज सौंप दें। न्यायालय ने उन्हें चेतावनी दी कि आदेश का पालन न करने पर उन्हें जेल जाना होगा। अदालत ने समूह के खाते रखने वाले बैंकों को निर्देश दिया कि 2008-18 की अवधि के दौरान के कंपनी के सभी ब्योरे तीन दिन के भीतर फॉरेंसिक विशेषज्ञों को सौंप दिए जाएं।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त फॉरेंसिक ऑडिटर ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि आम्रपाली समूह ने फ्लैट खरीदारों से लिए करोड़ों रुपये फर्जी कंपनियों को ट्रांसफर किए हैं. इनमें से 100 करोड़ से अधिक रकम गौरीसुता इंफ्रास्ट्रक्चर को ट्रांसफर किए गए. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली समूह ने बड़ा फ्रॉड किया है. साथ ही कोर्ट ने समूह के वकीलों को आगाह किया कि वह अपनी दलीलें बार-बार न बदलें, नहीं तो परिणाम गंभीर होंगे. कोर्ट ने फोरेंसिक ऑडिटर को गुरुवार तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने कहा था और सीएफओ को तलब किया था.

सुनवाई के दौरान आम्रपाली ग्रुप कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल शर्मा और दो अन्य डायरेक्टर के पुलिस सर्विलांस में होटल में रखने के बजाय घर जाने की इजाजत मांगी गई। एडवोकेट गीता लूथरा ने दलील दी कि डायरेक्टर्स छानबीन में पूरा सहयोग कर रहे हैं और ऐसे में शाम के वक्त उन्हें घर जाने की इजाजत दी जानी चाहिए या फिर परिवार के लोगों को मिलने की इजाजत मिलनी चाहिए।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में कंपनी से जुड़े रहे ऑडिटर पेश हुए थे। साथ ही चीफ फाइनैंशल ऑफिसर पेश हुए थे। सुप्रीम कोर्ट में फॉरेंसिक ऑडिटर ने कहा कि आम्रपाली ग्रुप की ओर से टेली डेटा नहीं दिया गया। साथ ही सभी कंपनियों का अकाउंट डिटेल नहीं दिया गया। कंपनी के ऑडिटर्स अनिल मित्तल ने बुधवार शाम को दस्तावेज दिए हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने जबर्दस्त नाराजगी जाहिर की। बायर्स के वकील एमएल लाहोटी ने कोर्ट को बताया कि कंपनी के कुल 92 डायरेक्टरों में से सिर्फ 86 की लिस्ट दी गई है और कइयों के बैंक अकाउंट के डिटेल और प्रॉपर्टी डिटेल पेश नहीं की गई।

सीएफओ की याददाश्त’ वापस’ आई

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को समूह के सीएफओ चंदर वाधवा से सीधे तौर पर सवाल जवाब किए। वास्तव में पिछली सुनवाई में फोरेंसिक ऑडिटर ने कहा था कि सीएफओ सहयोग नहीं कर रहे हैं और वह अपनी याददाश्त खोने की बात कह रहे हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सीएफओ को पेश होने के लिए कहा था।

पीठ ने शुक्रवार को सीएफओ से कंपनी से उनके संबंध और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में सवाल किए। सीएफओ ने पीठ के लगभग सभी सवालों के जवाब दिए। इस पर पीठ ने कहा कि आप फोरेंसिक ऑडिटर द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रहे थे? पीठ ने सीएफओ से कहा कि वह अधिक स्मार्ट बनने की कोशिश न करें। पीठ ने सीएफओ को फोरेंसिक ऑडिटर को सहयोग करने के लिए कहा है।

Please follow and like us:
error

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Facebook
Twitter
YouTube
Follow by Email