चुनौती भरा जनादेश और मोदी सरकार

(कर्ण हिन्दुस्तानी )
देश के इतिहास में ३५ साल बाद किसी एक दल को जनता ने दूसरी  बार स्पष्ट जनादेश दिया है। २०१४ के बाद तमाम कठोर निर्णय लेकर मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपना रंग जाहिर कर दिया था। नोट बंदी और जी एस टी वाले निर्णय ने सभी को दिखा दिया था कि यदि देश की अर्थ व्यवस्था को  तो कड़वे घूँट पीने ही होंगे। इन दोनों फैसलों के साथ ही जनधन योजना , मुद्रा योजना , उज्ज्वला योजना , घर घर शौचालय निर्माण योजना भी खूब प्रचलित हुई।
प्रधानमंत्री आवास योजना से तो कई लोगों को राहत मिली। इन योजनाओं में कमी निकालने के लिए विपक्ष ने काफी ज़द्दोज़हद की  विपक्ष  साबित हुआ। विपक्ष के मुख्य नेता के रूप में राहुल गाँधी राफेल के मुद्दे पर भी अपनी बात जनता के सामने नहीं रख पाए। राहुल गाँधी जिस कांग्रेस  नेतृत्व  हैं वह कांग्रेस पार्टी मुद्दों की राजनीती करने में किसी समय तक मशहूर थी।  मगर अब इस पार्टी का बंटाधार हो चुका है। मोदी सरकार ने कांग्रेस की इसी कमजोरी का जम कर फायदा उठाया और जनता को भरोसे में लेकर एक के बाद एक जनउपयोगी योजनाएं लागू करनी शुरू की।

पांच साल के अपने कार्यकाल में मोदी सरकार ने सड़कों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक का  सुधार किया। बिजली को सुदूर गाँवों तक पहुंचाया गया। आवागन के साधनों का विस्तार किया गया। कुछ मामलों में मोदी सरकार की खिल्ली भी उड़ाई गई।  जैसे की पकोड़े बेचना। इस मुद्दे पर मोदी सरकार की भावनाओं को विपक्ष समझ ही नहीं पाया। देश के कई ठेले वाले ऐसे हैं जो दिन भर में हज़ारों रुपयों का मुनाफ़ा कमाते हैं। इनका मजाक उड़ाना भी विपक्ष का मुख्य धंधा बन गया था। जिसकी वजह से देश ने विपक्ष को सत्ता सौपना ठीक नहीं समझा।

कल्याण मनपा, एमआईडीसी और एमएसआरडीसी पैसे के लिए बिल्डरों के सामने लेट जाते है

अब बात करते हैं मोदी सरकार की दूसरी पारी की चुनौतियों की। विगत पांच वर्षों में किसानों की आत्महत्याओं में कमी नहीं आयी है। इसकी मुख्य वजह साहूकारों से क़र्ज़ लेना और ऊँची कीमतों वाली ब्याज दर ना चुका पाना है।  सरकार किसानों के बैंकों वाले क़र्ज़ तो माफ़ कर सकती मगर साहूकारों से लिया हुआ ब्याज वाला क़र्ज़ कैसे माफ़ करेगी ? अपनी दूसरी पारी में मोदी सरकार को साहूकारों पर नकेल कसनी होगी। किसानों को बैंकों से सहज और जल्द क़र्ज़ मिल सके इसकी योजना बनानी होगी और साथ ही साथ क़र्ज़ की रकम सही जगह खर्च हो रही है या नहीं यह भी देखना होगा। दूसरी बार सबसे बड़ा जनादेश मिलने के पश्चात अब मोदी सरकार को देश की अर्थ व्यवस्था पर खासा ध्यान देना होगा।  किसी अर्थ शास्त्री के हाथ ही वित्त मंत्रालय सौपना होगा।

इसाई मशीनरियो के विदेशी चंदे पर अंकुश को, ब्रिटेन सरकार भारतीय इसाइयों पर अन्याय मानती है

जब देश की जनता को यह एहसास हो जाएगा कि उनके द्वारा भरा   रहा है तो निश्चित ही कर दाताओं की  और कर चोरी रुकेगी। देश के युवाओं को नौकरी के बजाए खुद का व्यवसाय करने के लिए बनाई गई योजनाओं का प्रचार प्रसार करना होगा।   नौकरी का लालच कम करना होगा। इसके अलावा देश के रक्षा मंत्री पद पर भी हो सके तो रक्षा विशेषज्ञ को ही बैठाना होगा। चिकित्सा क्षेत्र में काफी सुधारों की आवश्यकता है।  जिनमें आगामी पांचसालों में काम किया जा सकता है। साथ ही जन भावनाओं को मद्देनज़र रखते हुए धारा ३७० और राम मंदिर पर भी अपना पक्ष रखना होगा। देश की जनता ने मोदी सरकार की विदेश नीति को सराहा है और दुश्मन को कड़ा उत्तर देने के लिए दुबारा जनादेश भी दिया है।  इस जनादेश को आगामी कितने सालों तक ठिकाना है यह मोदी सरकार की नीतियां ही तय करेंगीं।
Please follow and like us:
error

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please wait...

Subscribe to our Newsletter

To get Notified of our weekly Highlighted News. Enter your email address and name below to be the first to know.
error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Facebook
Twitter
YouTube
Follow by Email