गठबंधन की अनिश्चितता के बीच फड़णवीस और उद्धव ठाकरे कार्यक्रम में एकसाथ शामिल हुए

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के स्मारक के निर्माण की शुरुआत के लिए बुधवार को आयोजित वास्तु पूजन कार्यक्रम में संयुक्त रूप से शामिल हुए। बीजेपी और उसकी सहयोगी शिवसेना के संबंधों में खटास है और शिवसेना ने कई मौकों पर सरकार की विभिन्न नीतियों की आलोचना की है, ऐसे में दोनों नेताओं का साथ-साथ कार्यक्रम में शिरकत करना मायने रखता है।

शिवसेना केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी की सहयोगी पार्टी है। महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार को ठाकरे स्मारक के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इस कदम को लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी द्वारा अपनी सहयोगी शिवसेना तक पहुंच बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। बाल ठाकरे की 93वीं जयंती के मौके पर बुधवार को फडणवीस और ठाकरे ने मध्य मुम्बई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में स्मारक स्थल पर संयुक्त रूप से गणेश पूजन और वास्तु पूजन किया।

कार्यक्रम में स्मारक के लिए चिह्नित जमीन को शहरी निकाय द्वारा आधिकारिक रूप से उस ट्रस्ट को हस्तांरित किया गया जिसका गठन ढांचे के निर्माण की देखरेख करने के लिए किया गया है। समुद्र के पास स्थित इस सम्पत्ति का निर्माण 1928 में किया गया था और इसका क्षेत्रफल करीब 11500 वर्ग मीटर है और वर्तमान में यह मुम्बई के महापौर का बंगला है। इस कार्यक्रम में बीजेपी और शिवसेना के कई नेता मौजूद थे।

इसमें शहर के महापौर विश्वनाथ महादेश्वर, बृहन्मुम्बई महानगर पालिका (बीएमसी) प्रमुख अजय मेहता और बीजेपी सांसद पूनम महाजन सहित बालासाहेब ठाकरे राष्ट्रीय स्मारक न्यास के सदस्य भी शामिल थे। इस मौके पर फडणवीस और ठाकरे दोनों को हाथ मिलाते देखा गया। कार्यक्रम में मौजूद शिवसेना के एक नेता ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच चाय पर एक संक्षिप्त बैठक हुई। उन्होंने कहा, ‘‘यद्यपि इसमें कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री और बीजेपी के अन्य नेता उद्धवजी और उनके परिवार की मौजूदगी में बहुत सहज थे। ऐसा नहीं लग रहा था कि यह ऐसा कार्यक्रम है जिसमें दोनों पार्टियों के नेता मौजूद हों बल्कि (ऐसा प्रतीत हुआ कि) यह एक परिवार के सदस्यों का कार्यक्रम हो।’’ परियोजना के लिए निर्धारित जमीन को सौंपने का तौर तरीका पूरे होने के साथ ही स्मारक का निर्माण अगले महीने से शुरू होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक भूमि पूजन के लिए आमंत्रित किए जाने की उम्मीद है। शिवसेना ने गत वर्ष भविष्य के चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की थी और पार्टी के एक नेता ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार द्वारा ठाकरे स्मारक के लिए धनराशि मंजूर करने के निर्णय का आगामी चुनाव के लिए गठबंधन की संभावनाओं पर कोई असर नहीं होगा।

इस बीच, शिवसेना ने ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय में बीजेपी पर निशाना साधना जारी रखा और कहा कि बाल ठाकरे का विचार था कि केवल ‘हिंदुत्व’ ही देश को बचा सकता है और उनके इस विचार के चलते बीजेपी सत्ता में आयी। इसमें लिखा गया, ‘‘वर्तमान स्थिति और देश जिस रास्ते पर चल रहा है, वह सही नहीं है। आज देश में ‘मर्दों’ के शासन की जरूरत है। आज भी सीमा पर पाकिस्तानियों द्वारा हमला किया जा रहा है, सैनिक कश्मीर में मर रहे हैं, जबकि हम केवल सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय लेकर अपना ‘जोश’ दिखा रहे हैं।’’

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