नादिवली में तोडू कारवाई, भ्रष्ट कौन ? कल्याण मनपा या राज्य महसूल विभाग !

( राजेश सिन्हा )

दावडी आरीवली नादिवली सागाव में लगातार अवैध इमारते मनपा तोड़ रही है फिर भी इन सस्ते अवैध इमारतो के खरीदार भी कम होने का नाम नही ले रहे है.

कल्याण डोम्बिवली मनपा प्रशासन ने डोम्बिवली पूर्व के नान्दिवली के स्वामी समर्थ मठ के पास के बालाजी अपार्टमेंट पर कल वुधवार को तोडू कारवाई की.इस इमारत का निर्माण वर्ष भर पहले ही हुआ था.और पुरे इमारत के लगभग सभी घर बिक चुके थे. इमारत में लोग रहने भी लगे थे अचानक से मनपा प्रशासन का नोटिस आया और आनन फानन में कारवाई भी हो गयी.मनपा प्रशासन के तत्परता से की गयी कारवाई पर इस इमारत के अनेक निवासियों ने सवाल उठाये है.

उनके अनुसार उन लोगो ने मनपा प्रशासन में घर खरीदने के पहले इस इमारत के बारे में जांच की थी वहा सबकुछ सही बताया गया मनपा प्रश्न ने इमारत वैध होने के कारण ही इसके टैक्स रसीद पर कोई रिमार्क नही दिया था. यहाँ  के राज्य सरकार के रजिस्ट्रेशन विभाग ने भी आवश्यक कागजात लेकर यहाँ के फ्लेटो का पंजीकरण किया था. फिर अचानक ही मनपा प्रशासन ने इन इमारतो को अवैध कैसे घोषित कर दिया यह समझ से परे है.

अनेक निवासियों के अनुसार मनपा ने इस कारवाई में किस कारण इतनी जल्दी दिखाई इसका अंदाजा उन्हें नही लग रहा है.उनके अनुसार मनपा ने उन्हें सिर्फ एक नोटिस भेजी थी.इमारत के निवासी इसके विरुद्ध कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे थे की मनपा प्रशासन ने कल इस इमारत को अवैध बताते हुए तोडू कारवाई कर दी.

इस इमारत के अनेक नागरिको के अनुसार :-

इस इमारत को अगर मनपा प्रशासन अवैध मानती है तो फिर इमारत निर्माण के दौरान ही इस पर कारवाई क्यों नही हुई ?

अगर ये इमारत अवैध थी तो इस इमारत को मनपा प्रशासन ने पानी की लाइन किस आधार पर पारित किया ?

सभी घरो का टैक्स रसीद मनपा द्वारा कैसे जारी किया गया ? ( अवैध इमारतो के टैक्स रसीद पर मनपा अवैध निर्माण का ठप्पा लगाती है इस इमारत के रसीदों पर ऐसा कोई ठप्पा नही है.)

इमारत में अनेक घर मालिको को बैंक ने कर्ज दिया है उसका आधार क्या है ?? U

और सबसे महत्वपूर्ण बात राज्य सरकार ने इन गावो के सभी नए निर्माणों का बिक्री पंजीकरण बंद रखा था लेकिन आश्चर्यजंक रूप से आचार सहिता शुरू होते ही इन २७ गावो के निर्माणों का कथित रूप से सशर्त बिक्री पंजीकरण शुरू कर दिया है और इस बालाजी अपार्टमेंट के अनेक निवासियों ने भी यहाँ के अपने घरो का विधिवत रजिस्ट्रेशन करवाया था.

अब यहा यह प्रश्न उठाता है की गलत कौन ?

या तो मनपा प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारी, जिसने सिर्फ अपनी अवैध कमाई के लिए यहाँ हो रहे अवैध निर्माण को नजरंदाज किया, पैसे खाकर पानी का सप्लाई दिया, अवैध कमाई कर टैक्स रसीद दी.

या फिर राज्य सरकार का महसूल विभाग भ्रष्ट्रचारी हैजिसने जाने किस आधार पर इस इमारत में घर खरीदने वाले लोगो का घर का रजिस्ट्रेशन किया. और उसी आधार पर इन लोगो को बांको ने लोन भी दिया है

उल्लेखनीय है कि कल्याण डोम्बिवली मनपा के २७ गावो के अवैध निर्माणों पर कल्याण डोम्बिवली मनपा प्रशासन लगातार कारवाई कर रही है.इन सब के बावजूद इन अवैध निर्माणों से न घर खरीदने वाले लोगो की कमी दिख रही है ना ही इस क्षेत्र के अवैध निर्माण में कोई कमी आई है आज भी इन २७ गावो में सैकड़ो निर्माण मनपा के नियमो को ताक पर रख कर धड़ल्ले से बनाए जा रहे है.

और दिखावे के लिए राज्य महसूल विभाग ने भले ही अवैध निर्माणों के बिक्री पंजीकरण को रोकने के लिए अनेक कानून बना दियो हो. लेकीन इसका कोई फायदा आम नागरिको को नही हो रहा है.

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