भारत की आज़ादी का कड़वा सच – (भाग – ६१ ),जिन्नाह ने भारत में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को मुख्य समस्या बताया।

(कर्ण हिंदुस्तानी )
पाकिस्तान बनने की ख़ुशी में जिन्नाह बंटवारे के बाद होने वाली जनता की परेशानियों को भूल गए थे। सरकारी आवास में पहुँचने के बाद जिन्नाह ने ख़ुशी से लगभग पागल होते हुए नौसेना के लेफ्टनेंट एस एम् एहसान को कहा , तुम्हें इस बात का एहसास भी नहीं होगा कि मैंने अपने जीते जी पाकिस्तान के गठन की बात भी नहीं सोची थी। पाकिस्तान बनने के लिए हमें रब का शुक्रिया करना चाहिए। नौ अगस्त १९४७ को सिंध के भावी गवर्नर और जिन्नाह के पुराने मित्र सर गुलाम हिदायतुल्ला ने जिन्नाह के सम्मान में एक पार्टी का आयोजन किया।  इस पार्टी में सिर्फ ऊंचे तबके के लोगों को ही आमंत्रित किया गया था। अपने सम्मान में आयोजित पार्टी में जिन्नाह ने ऊंचे स्वर में कहा , यह सच है कि मैं कराची में ही पैदा हुआ हूँ , कराची की मिट्टी में ही मैंने बचपन में कंचे खेले हैं। मैंने अपनी अधिकतर शिक्षा भी यहीं गृहण की है। हर तबके की सहायता से पाकिस्तान को एक मज़बूत राष्ट्र बनाएंगे। हम सभी एकजुट होकर पाकिस्तान को शक्तिशाली राष्ट्र का दर्ज़ा देंगें। ११ अगस्त १९४७ वाले दिन पाकिस्तान की प्रथम संविधान सभा का आयोजन हुआ और जिन्नाह को कार्रवाई के लिए इस सभा का अध्यक्ष चुना गया।
जिन्नाह ने अपना सम्मान होते देख ख़ुशी ज़ाहिर की और कहा इस संप्रभु संविधान सभा ने मुझे प्रथम अध्यक्ष घोषित किया , जिसके लिए मैं सबका शुक्रिया अदा करता हूँ। हम सब मिलकर संविधान सभा को विश्व के सामने एक अनोखी मिस्साल पेश करेंगे। जिन्नाह ने इस संविधान सभा के सामने दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का जिक्र किया। प्रथम पाकिस्तान का संविधान बनाने की मुश्किल तथा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी।  दूसरी पाकिस्तान की संघीय विधायिका के स्वरुप में एक पूरी संस्था की तरह काम करने की जिम्मेदारी निभाना। जिन्नाह ने अपने विचारों को विस्तार रूप से प्रकट करते हुए कहा , हम सभी लोग जानते हैं कि सम्पूर्ण विश्व इस तूफानी क्रान्ति के चलते आश्चर्यचकित है। इस क्रांति ने उपमहाद्वीप में दो स्वतंत्र उपनिवेशों की स्थापना तथा रचना के हालात पैदा किये हैं। जिन्नाह बोलते जा रहे थे किन्तु जिन्नाह समेत किसी को भी यह पता नहीं था कि पाकिस्तान का स्वरूप आगे चलकर कैसा होगा ? जिन्नाह ने अपने विचारों में भारत का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ी समस्या रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार है। इस बुराई को पाकिस्तान में पैर पसारने से रोकना होगा। हमें हर हालत में सख्त कदम उठाने होंगें।
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