भारत की आज़ादी का कड़वा सच – (भाग – ५५ ) जिन्नाह को मारो के नारों से गूँज उठा होटल इम्पीरिअल !

(कर्ण हिंदुस्तानी )
पाकिस्तान की औपचारिक घोषणा के पश्चात लीग की जो मीटिंग हुई उसमें काफी हंगामा हुआ। अलग – अलग राज्यों से आये कट्टरपंथी मौलानाओं , उग्रवादी मुसलामानों और ताक़तवर भूमालिकों ने जमकर बवाल करना शुरू कर दिया। सभी एक सुर में होटल के बॉलरूम में एकत्र होकर बंटवारे की योजना के विरोध में आवाज़ बुलंद कर रहे थे। इनमें वह बिजनेसमैन भी शामिल थे जो अपने व्यापारी हिन्दू प्रतिद्वंदियों के हाथ व्यापार छोड़ कर जाने को तैयार नहीं थे। यह सभी ज़ोर ज़ोर से चीख – चिल्ला रहे थे।  सभी बोल रहे थे हमारे साथ दग़ाबाज़ी हुई है , पाकिस्तान के साथ धोखा किया जा रहा है। कुछ लोगों की भीड़ जिन्नाह को मारो , का शोर मचाती हुई होटल के अहाते में प्रवेश कर गई। बॉलरूम में जिन्नाह और उनकी कौंसिल की बैठक चल रही थी। बढ़ती भीड़ को नेशनल गार्ड्स ने रोक दिया। होटल में हंगामा हो गया। चारों तरफ अफरातफरी मच गई।
हर कोई जिन्नाह की जान के पीछे हाथ धोकर पड़ा दिखने लगा। अगले दिन सभी समाचार पत्रों में सुर्खियां प्रकाशित हुईं कि जिन्नाह की ह्त्या करने के मकसद से आये पचास लोग गिरफ्तार। हालांकि जिन्नाह ने अपनी बैठक बेहद गुप्त तरीके से की थी।  फिर भी सरदार वल्लभ भाई पटेल को बैठक में हुई बातचीत का बयोरा मिल गया। पटेल ने मीटिंग पर एक रिपोर्ट तैयार कर माउंटबेटन को प्रेषित कर दी। लीग की कौंसिल ने जिन्नाह को एक तरफा हक़ प्रदान किया था कि वह योजना के मूल उसूलों को मानते हुए सही और न्यायपूर्ण तरीके से उसका सम्पूर्ण बयोरा तैयार करेंगे। लीग के इस प्रस्ताव का नेहरू और पटेल ने तीखा विरोध किया। वहीँ कांग्रेस की अपेक्षा कटटरपंथी मुस्लिमों ने जिन्नाह को हक़ दिए जाने का तीर्व विरोध किया।
इन मुसलामानों का मानना था कि योजना को स्वीकार करके जिन्नाह पाकिस्तान की मूलभूल मांग से काफी हद तक पीछे हट गए हैं। २० जून १९४७ वाले दिन बंगाल विधानसभा के सभी सदस्यों ने बंगाल के बंटवारे का प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया। इसके पश्चात पंजाब विधानसभा के सदस्य भी अमृतसर तथा लाहौर के ज्यादातर हिस्सों का बंटवारा करने को राजी हो गए। तत पश्चात सिंध की विधायिका मत विभाजन के दौर से गुजरी। २७ जून १९४७ को माउंटबेटन ने लंदन में पत्र भेजा।  इस पत्र में लिखा कि हम कानूनन निर्धारित  की गई तारीख १५ अगस्त को पाकिस्तान बनाने के विषय पर विचार कर सकतें हैं।
(जारी ……)
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