राष्ट्रपति क्या भाजपा की जेब में है – शिवसेना

राज्य में विधानसभा चुनाव हुए 9 दिन बीत जाने के बावजूद अगर यूती सरकार नहीं बन रही तो इसके लिए सिर्फ और सिर्फ भाजपा नेतृत्व जिम्मेदार है पहले तो अपनी शर्तों पर सरकार बनाने की कोशिश नाकाम होने पर भाजपा नेतृत्व अन्य दलों के नेताओं को ईडी का भय दिखाकर अपने पक्ष में करना चाहती थी

लेकिन इस पर भी बात नहीं बनती देख अब वह राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने की चेतावनी दे रही है राष्ट्रपति जैसे गरिमामय पद क्या इनके इशारों पर निर्णय लेती है और राष्ट्रपति क्या इनकी जेब में है इस आशय का सम्पादकीय शिवसेना के मुखपत्र कहे जाने वाले मराठी दैनिक सामना में छपा है

ज्ञात हो कि एक तरफ जहां भाजपा अपनी शर्तों पर शिवसेना से समर्थन लेकर राज्य में सत्ता स्थापित करना चाह रही है वही शिवसेना नेतृत्व इसके लिए तैयार नहीं है दोनों दलों में अंदरूनी क्या चर्चा हुई है यह तो इन दोनों दलों के संबंधित नेता ही बता सकते हैं लेकिन

शिवसेना नेतृत्व सत्ता में 50-50 की भागीदारी और ढाई ढाई साल मुख्यमंत्री पद पर अड़ गई है रोज दोनों दलों के नेताओं में तीखे बयान आ रहे हैं और मामला कहीं से भी सुलझता हुआ नहीं दिख रहा है

एक तरफ जहा भाजपा नेतृत्व आगामी ४ ५ नबम्बर को देवेन्द्र फडणविस के मुख्यमंत्री पद की शपथ विधि की तैयारी दिखा रहा है. वहि दूसरी तरफ शिवसेना को भी इस शपथ विधि में शामिल करने की भरसक कोशिश कर रहा है. लेकिन शिवसेना नेतृत्व अपनी शर्त नही पूरी होने की वजह बता कर भाजपा से दुरी बनाए रखा है.

इसी दौरान शिवसेना पर दवाव बनाने के लिए भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने शुक्रवार को राज्य में ७ नबम्बर तक किसी भी दल द्वारा सत्ता नही स्थापित करने पर राष्ट्रपति शासन लागु होने का शगूफा छोडा. जिससे चिढ़े शिवसेना नेत्रित्व ने अपने मुख्यपत्र सामना के जरिये भाजपा नेतृत्व पर पलटवार किया है.  

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