स्टेशन परिसर में शौचालय है या गंदगी का घर

सहयोग की अपील पर आरपीएफ के लोग करते हैं बदतमीजी
शीतला प्रसाद सरोज
मुंबई। इन दिनों पश्चिम रेलवे के अंधेरी रेलवे स्टेशन के परिसर में, आरपीएफ कार्यालय के ठीक सामने बना रेलवे का शौचालय लोगों के स्वास्थय के लिए खतरा बन गया है। इस विषय में जब कोई जागरूक इंसान या समाजसेवी आरपीएफ से सहयोग की अपील करता है तो उसके साथ आरपीएफ बदतमीजी कर बंद करने की धमकी देती है।


आज से लगभग 4 साल पहले आईआरसीटीसी ( इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कोआपरेशन ) ने पश्चिम रेलवे के अंधेरी रेलवे स्टेशन परिसर में, पूर्व दिशा में ( आरपीएफ कार्यालय के ठीक सामने ) 6 सीटों वाला शौचालय का निर्माण कराया, जिनमें से 4 पुरुषों के लिए 1 अपंगों तथा 1 महिलओं के लिए है। ध्यान देने की बात यह है शौचालय तो बन गया। लेकिन ड्रेनेज लाइन से कनेक्ट न होने के चलते इस शौचालय का उद्घटान नहीं हो पाया, इस बीच इस शौचालय का इस्तेमाल आरपीएफ के लोग करने लगे। देखीदेखा आम पब्लिक भी इन शौचालयों में जाने लगी। नतीजा यह हुआ कि साफ-सफाई के अभाव में इस शौचालय में आज गंदगी का ढेर लग गया है।
शौचालय में व्याप्त गंदगी की शिकायत जब भाजपा युवा मोर्चा, अंधेरी मण्डल के पूर्व महामंत्री मनोज तिवारी ने स्टेशन मास्टर सुधीर मोरे से की तो उन्होंने कहा कि शौचालय की ड्रेनेज लाइन पास नहीं होने के कारण वह टूटने वाला है। स्टेशन मास्टर की बात सुन तिवारी ने सुझाव दिया कि जब तक शौचालय नहीं टूटता है, तब तक उसे बंद कर दिया जाए। क्योंकि शौचालय जब चालू रहेगा तो उसमें गंदगी बढ़ती ही जाएगी।

तिवारी के सुझाव पर शौचालय को पतरा मारकर बंद कर दिया गया। लेकिन अगले ही दिन फिर वह खुला पाया गया। जिसकी जनकारी देने के लिए पुनः तिवारी स्टेशन मास्टर के पास गए। तिवारी से जानकारी हासिल करने के बाद स्टेशन मास्टर ने कहा कि आरपीएफ वालों को भी चाहिए कि वे भी इस मुद्दे पर ध्यान दें। क्योंकि वे हमेशा वहां रहते हैं। 

शौचालय को जब बंद कर दिया गया है तो उसमें कैसे कोई घुस रहा है। स्टेशन मास्टर की बात उचित लगी, जिसके मद्देनजर 28 अगस्त भाजपा युवा मोर्चा, अंधेरी मंडल के पूर्व महामंत्री मनोज तिवारी आरपीएफ कार्यालय से संपर्क कर यह अनुरोध करना चाहा कि बंद शौचालय का कोई इस्तेमाल न करने पाए, तब वहां सिविल ड्रेस में मिले टू स्टार रमेश यादव ने उन्हें धक्का मारते हुए कहा कि चलो सीनियर के पास। इस घटना की शिकायत जब तिवारी ने आरपीएफ के इंचार्ज संजय चौधरी से की तो उन्होंने कहा कि इस विषय में हम कुछ नहीं कर सकते। आप मेरी बातों से सहमत नहीं हैं तो शिकायत को लेकर ऊपर जा सकते हैं।

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