आसान है इस बार उल्हासनगर विधानसभा सीट जीतना, भाजपा के लिए.

इसे भारतीय जनता पार्टी का थाने जिले भर में कार्यकर्ताओं के आक्रोश रोकने की कवायद बोले है या फिर कुमार आयलानी का अंतिम समय तक किए गए लगातार प्रयास को श्रेय दिया जाए.जिससे मजबूर होकर भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने उल्हासनगर के कालानी परिवार को नहकारते हुए कुमार आयलानी के नाम की घोषणा कर दी और परिस्थितियां चाहे जो भी बने लेकिन इस बार इस सीट से भाजपा उम्मीदवार कुमार आयलानी की जीत की संभावनाएं बढ़ गई है

ज्ञात हो कि एकमुश्त 20 वर्षों तक उल्हासनगर विधानसभा सीट पर कलानी परिवार का एकछत्र राज रहा है और इसी परिवार के सुरेश उर्फ पप्पू कालानी लगातार 20 वर्ष (1990 से 2009) तक विधायक रहे है वर्ष 2009 से 2014 के दौरान भाजपा के टिकट पर कुमार एलानी ने जीत दर्ज की. लेकिन गत 2014 विधानसभा चुनाव में महज १८६३ वोटो से कुमार आयलानी, ज्योति (पप्पू) कॉलोनी से हार गए थे

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स्थानीय सूत्रों के अनुसार उस दौरान ज्योति कॉलोनी को सबसे ज्यादा फायदा उनके पति पप्पू कालनी के जेल में बंद होने के कारण उपजी सहानभूति का मिला था लेकिन इस वर्ष इस चुनाव में यह मुद्दा बहुत पुराना हो चुका है और इस मुद्दे का ज्यादा फायदा नहीं मिलने की बात स्थानीय मतदाताओं में चर्चा का विषय बना हुआ है

इस चुनाव में सबसे बड़ा फायदा कुमार आयलानी को मोदी फैक्टर का मिलने वाला है इसके साथ. भाजपा मुख्यमंत्री के पिछले 5 साल के कार्यकाल में बेदाग छवि, राज्य भर में उनके द्वारा किए गए विकास कार्य के साथ उनकी अपनी स्वच्छ और बेदाग छवि भी उन्हें यहां से जीत दिलाने में मददगार साबित होगी

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