महाराष्ट्र भाजपा ने हथियार डाले, देर आये दुरुस्त आये

विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होकर 15 दिन से अधिक समय व्यतीत हो गया है बावजूद इस पर कोई सकारात्मक परिणाम नहीं दिख रहे हैं आज रविवार देर शाम भारतीय जनता पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल ने यह कहते हुए भाजपा सरकार बनाने की दावेदारी खत्म कर दी कि उनके पास आवश्यक संख्या बल नहीं है. भले ही देर से लेकिन भाजपा ने एकदम सटीक निर्णय लिए जाने की चर्चा राजनीतिक हलकों में व्यक्त की जा रही है

ज्ञात हो कि चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही जाहिर हो गया था कि राज्य में भाजपा और शिवसेना के युती दलों को बहुमत मिला है और पहले दिन से ही जहां भाजपा राज्य में यूती सरकार गठित करने की बात कर रही थी. वहीं शिवसेना नेतृत्व पहले दिन से शिवसेना को ढाई वर्ष मुख्यमंत्री पद देने की शर्त रख दी थी

पिछले 15 दिनों में रोज हर घंटे के हिसाब से राज्य में राजनीतिक घटनाक्रम बदलते रहे और आज रविवार होने के बावजूद दिन भर मुंबई के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज दिखी. एक तरफ जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के सिल्वर ओक बंगले में राकपा नेता प्रफुल्ल पटेल की मुलाक़ात पर मीडिया दिनभर तरह-तरह के अटकलें लगाती रही.

वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत का यह बयान कि अगर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा सरकार बनाने से मना करती है तो शिवसेना इस पर विचार कर सकती है पर भी चर्चा जोरो पर रही. इसके साथ जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक पर भी मीडिया हाउस की नजर थी लेकिन शाम होते होते वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस को महाराष्ट्र की जनता ने विरोधी पक्ष में बैठने का जनादेश दिया है इसी के लिए वह शिवसेना के साथ सरकार में शामिल नहीं होगी

शनिवार शाम राज्य में अंतरिम व्यवस्था के लिए महामहिम राज्यपाल ने राज्य की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को सरकार बनाने के लिए निमंत्रित किया था इसी के तहत आज शाम 4:00 बजे मुख्यमंत्री आवास वर्षा में भाजपा के प्रदेश के कोर कमेटी के सदस्यों की बैठक हुई

जिसमें प्रदेश प्रभारी भूपेंद्र यादव ने भी शिरकत की. बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील के नेतृत्व में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सुधीर मुनगंटीवार, पूनम महाजन, गिरीश महाजन, विनोद तावड़े आदि ने राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें भाजपा के पास बहुमत के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं होने की बात कहते हुए राज्य में सरकार नहीं गठित कर पाने की जानकारी दी.इसी के बाद भाजपा के इस प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन के बाहर आयोजित पत्रकार परिषद में यह जानकारी दी

अब गेंद शिवसेना के पाले में है आज सुबह ही शिवसेना सांसद संजय राउत ने यह दावा किया था कि अगर राज्य की सबसे बड़ी विधायकों वाली पार्टी भाजपा सरकार बनाने से मना करती है तो शिवसेना इसके लिए अवश्य प्रयास करेगी भाजपा ने राज्यपाल से मिलकर सरकार नहीं बनाने की स्थिति साफ कर दी है ऐसे में अब देखना यह है की शिवसेना किन किन दलों के समर्थन से राज्य में सरकार गठित करती है

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