सैन्य कारवाई और बिलबिलाता विपक्ष !

(कर्ण हिन्दुस्तानी )
पुलवामा की घटना के बाद देश में पाकिस्तान के खिलाफ जो माहौल बना है. और पूरा देश बदले की भावना व्यक्त कर रहा है।  ऐसे में केंद्र की मोदी सरकार ने मात्र बारह दिनों में फैसला लेकर पाक के कब्ज़े वाले काश्मीर पर दुबारा सर्जिकल स्ट्राइक करके आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक पर देश भर की जनता जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दे रही थी वहीँ विपक्ष मोदी सरकार को ना सिर्फ कटघरे में खड़ा करने में जुट गया बल्कि सर्जिकल स्ट्राइक में इस्तेमाल किये गए मिराज २००० विमानों के जरिये खुद ही श्रेय लेने की होड़ में लग गया।
कांग्रेस के फेसबूकिया चमचे तो यहां तक कहने में नहीं चूके कि यदि कांग्रेस ने मिराज २००० ना खरीदे होते तो यह सर्जिकल स्ट्राइक संभव ही नहीं थी। यानी कि सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय कांग्रेस खुद को देना चाहती है। इन विपक्षियों को कोई पूछे कि मुंबई पर हुए फियादीन हमले के बाद इन मिराज २००० विमानों को क्या शत्रागार में शोभा बढ़ाने के लिए रखा हुआ था ? क्यों नहीं कांग्रेस ने उस समय पाकिस्तान के आतंकी अड्डों को ध्वस्त करने के लिए इन लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया ?
आज यदि मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने दृढ़ निर्णय लेकर आतंकी अड्डों को ध्वस्त किया है तो विपक्ष को पेट में मरोड़ क्यों आ रहे हैं ? विपक्ष का कहना है कि सेना के जवानों की लाशों का चुनावी फायदा उठाने की कोशिश मोदी जी कर रहे हैं तो इसका सीधा मतलब है कि विपक्ष जान चुका है कि मोदी जी के इस कदम से देश की जनता मोदी जी के साथ खड़ी हो गई है और यही जनता आने वाले चुनावों में मोदी जी के हाथों में सत्ता फिर सौंपेगी।
विपक्ष का चौकदार चोर है का नारा बे मतलब साबित हो गया। इसके साथ ही विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की मात्र ३६ घंटो में सकुशल रिहाई से भी विपक्ष हिल गया है। विपक्ष इस रिहाई का श्रेय भी मोदी सरकार की कूटनीति को ना देकर जिनेवा  समझौते को देने की कोशिश कर रहा है।  शायद विपक्ष ने जिनेवा समझौते को पढ़ा ही नहीं है ! जिनेवा समझौते में युद्ध बंदियों को सकुशल उनके वतन वापसी भेजने का जिक्र है।  विंग कमांडर अभिनंदन युद्ध बंदी नहीं थे।
मगर भारत सरकार के लगातार कड़े रुख और कूटनीति के चलते ही पाकिस्तान मज़बूर हुआ और उसने अभिनंदन  को बा-इज़्ज़त रिहा कर दिया। इसमें विपक्ष को मिर्ची लग गई। विपक्ष की प्रमुख पार्टी होने का दावा करने वाली कांग्रेस की मुंबई में हुई जनसभा में मात्रा साढ़े चार सौ लोग एकत्र हुए थे, जो इस बात का संकेत है कि कांग्रेस अब खत्म होने की कगार पर पहुँच चुकी है। जबकि मुंबई की सभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी प्रमुख वक्ता के रूप में मैजूद थे।  अपनी गिरती लोकप्रियता को बचाने के लिए सेना को घेरने की कोशिश करने वाले विपक्ष को अक्ल कब आएगी यह खोज का विषय है।  विपक्ष का बिलबिलाना इस बात का सबूत है कि आतंकी अड्डे तबाह करने के बाद मोदी जी की लोकप्रियता में इज़ाफ़ा हुआ है जिसके परिणाम आगामी चुनावों में देखने मिलेंगे।
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