राकपा प्रमुख का शिवसेना को कलटी, भाजपा के साथ पक रही खिचड़ी ?

महाराष्ट्र में विभिन्न दलों द्वारा राज्य में सरकार स्थापित करने की कोशिश के बीच ही आज सोमवार सुबह दिल्ली पहुंचे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने यह कह कर मामला उलझा दिया है कि  राज्य में सत्ता स्थापना के सवाल भाजपा शिवसेना से पूछनी चाहिए. वो दोनों दल साथ मिलकर चुनाव लडे थे. हम शिवसेना के बारे में नहीं सोच रहे हैं राज्य में राकपा कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ी है इसीलिए हम पहले प्राथमिकता कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने को देंगे

वही आज राज्यसभा के २५० वे सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राकपा सदस्यों की सराहना करते हुए अन्य दलों के राज्यसभा सदस्यों को इससे सीख लेने की आवश्यकता की बात रखी.

सोमवार सुबह राकपा प्रमुख शरद पवार के बयान से पिछले हफ्ते भर से चल रहे शिवसेना के सहयोग से राज्य में सरकार बनाने के प्रयास पर एक बार फिर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई वहीं राज्यसभा में नरेंद्र मोदी द्वारा राकपा सदस्यों की सराहना महाराष्ट्र में नए समीकरण की तरफ इशारा कर रही है.

ज्ञात हो कि आज सोमवार को सुबह-सुबह ही राकपा प्रमुख शरद पवार दिल्ली पहुंचे थे और पत्रकारों द्वारा उनसे दिल्ली आने का प्रयोजन पूछे जाने पर उन्होंने शाम को कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की जानकारी दी थी और इसी के तहत आज शाम ही उन्होंने सोनिया गांधी से मुलाकात की

इसके बाद आयोजित पत्रकार परिषद में शरद पवार ने राज्य में शिवसेना कांग्रेस राकपा के सरकार बनाने की मुद्दे को ही गौण कर दिया. इसी मुद्दे पर शाम को आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से महाराष्ट्र की राजनीति पर विस्तृत चर्चा हुई

लेकिन उन दोनों की कोई चर्चा शिवसेना के सहयोग से सरकार बनाने पर नहीं हुई. पत्रकार परिषद में ही उन्होंने कहा कि राज्य में अनेक उनके सहयोगी दल है जो शिवसेना से गठबंधन के धुर विरोधी हैं ऐसे में बिना सहयोगी दलों के सहमति से इस पर आगे की बात भी करना गलत है उन्होंने यह भी साफ किया इस बैठक में शिवसेना के सहयोग से राज्य में सरकार बनाने के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई

राकपा प्रमुख का यह बयान और आज राज्य सभा में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राकपा और बिजू जनता दल के सदस्यों की सराहना महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण के तरफ इशारा कर रहा है. आज मोदी ने राज्य सभा के कामकाज के दौरान राकपा और बीजेडी के सदस्य कभी विरोध प्रदर्शन कर बेल में नही आते है भाजपा के साथ सभी डालो के सदस्यों को इससे शिक्षा लेनी चाहिए.

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