गणेशोत्सव में नहीं दिखेंगे थर्मोकोल निर्मित सजावटी सामान,मुम्बई उच्च न्यायालय के कड़े निर्देश

राज्य सरकार के राज्य में लागू प्लास्टिक बंदी और थर्मोकोल प्रतिबंध को आज मुम्बई उच्च न्यायालय का भी समर्थन प्राप्त हुआ है,मुम्बई उच्च न्यायालय ने  पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के मद्देनजर महाराष्ट्र में आगामी गणेश महोत्सव में सजावट के लिए इस्तेमाल होने वाले थर्मोकोल से बने सजावटी सामानों की बिक्री पर राज्य सरकार के कड़े विरोध के कारण पाबंदी में ढील देने से साफ़ इंकार कर दिया.

थर्मोकोल फैब्रिकेटर एंड डेकोरेशन एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति ए एस ओका और न्यायमूर्ति रियाज छागला की खंडपीठ ने खारिज कर दिया, इस साल सितंबर में मनाए जाने वाले गणेश महोत्सव के लिए व्यापार में नुकसान का हवाला देते हुए थर्मोकोल फैब्रिकेटर एंड डेकोरेशन एसोसिएशन द्वारा याचिका दायर कर लगाई गई पाबंदी में ढील की मांग की गई थी.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में प्लास्टिक एवं थर्मोकोल के सामानों के निर्माण और उपयोग पर पाबंदी लगाई गई है. याचिका में दावा किया गया कि अगर बाजार में थर्मोकोल से बने सजावटी सामानों को बिक्री की अनुमति नहीं दी गई तो एसोसिएशन के सदस्यों को भारी नुकसान होगा. एसोसिएशन ने एक हलफनामा दायर करके कहा कि वे बाद में सामग्री का निस्तारण खुद कर देंगे.लेकिन न्यायालय ने इसे अप्रासंगिक मानते हुए राज्य सरकार के प्लास्टिक और थर्मोकोल प्रतिबंध को सही ठहराया है.

राज्य सरकार ने एसोसिएशन की इस याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि प्रतिबंधित सामग्री के निस्तारण की अंतिम तारीख 23 जून थी. इसके बावजूद, याचिकाकर्ता (एसोसिएशन) ने प्रतिबंधित सामग्री का निपटारा नहीं किया और इसे अपने पास रखकर अब ढील का अनुरोध किया जा रहा है जो की सरासर नियमों का उल्लंघन है.

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