कहीं देश भर में फिर अराजकता फैलाने की साज़िश तो नहीं !

(कर्ण हिन्दुस्तानी )
देश में एक बार फिर मोदी सरकार की स्थापना होने से कुछ लोगों की हालत पागल कुत्ते जैसी हो गई है। किसी भी तरह से ज्यादा से ज्यादा लोगों को काटा जाए और अपनी दहशत फैलाई जाए ताकि मोदी सरकार बदनाम हो सके।  कुछ लोग  तो सारी हदें पार करने से भी नहीं चूक रहे हैं। पहली घटना की बात करें तो बिहार में एक व्यक्ति का कहना था कि उसे उसका नाम पूछने के बाद यह कहते हुए गोली मार दी कि तू मुसलमान है तुझे तो पाकिस्तान चला जाना चाहिए.

दूसरी घटना में पुणे के एक डॉ गद्रे को दिल्ली के कनाट प्लेस में जबरन जय श्रीराम बोलने को कहा गया , गद्रे ने इस बात की शिकायत पुलिस में  नहीं की। तीसरी घटना में मथुरा में एक विदेशी को महज इस लिए पीटा गया क्योंकि उसने जय श्रीराम का जवाब नहीं दिया। अब पहली घटना का जिक्र करें तो जिस युवक को गोली मार कर घायल किया गया वह युवक क्या उस क्षेत्र में नया था ? क्या ख़ास उसी को निशाना बनाते हुए उसको गोली मारी गई ? क्या जिस जगह वह युवक रह रहा था वह उस क्षेत्र का अकेला मुस्लिम युवक था ?

इस घटना में स्पष्ट रूप से नज़र आ रहा है कि युवक सरासर झूठ बोल रहा है। इस मामले की तेह तक जाकर जांच होनी चाहिए और यदि युवक सच बोल रहा है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए , यदि मोदी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश हो रही है तो भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। दुसरी घटना की बात करें तो जिस कनाट प्लेस में घटित घटना का ज़िक्र डॉ गद्रे कर रहे हैं उस कनाट प्लेस में चारों तरफ खुफिया कैमरों का जाल बिछा हुआ है , यह क्षेत्र दिल्ली का अति संवेदनशील क्षेत्र है , एक तरसफ जंतर मंतर , दुसरी तरफ राजीव चौक  मेट्रो स्टेशन , तीसरी तरफ जनपथ बाज़ार , चौथी तरफ से आप दिल्ली रेलवे स्टेशन जा सकते हैं।

पॉश इलाका होने के बावजूद यहां दिहाड़ी पर काम करने वालों की संख्या अधिक है। ऐसे में भला यहां किसको फुर्सत है कि कोई अराजकता की बात कर अपनी रोजी रोटी के साथ खिलवाड़ करे , डॉ गद्रे तो पढ़े लिखे सज्जन हैं उन्होंने इसकी शिकायत तुरंत क्यों नहीं की और पुलिस से सी सी टी वी के फुटेज जांचने की गुहार क्यों नहीं लगाई ? इसलिए डॉ गद्रे का मामला भी संदेहास्पद ही लगता है।

अब बात करें मथुरा की घटना की।  इस घटना में थोड़ी सच्चाई लगती है। क्योंकि शिकायतकर्ता को मोदी सरकार से क्या लेना देना ? मथुरा में हुई घटना की भी उच्च स्तर पर जांच ज़रूरी है। देश में जिस तरह का माहौल बनाया और दिखाया जा रहा है वह भविष्य के लिए खतरनाक है।  इन घटनाओं के पीछे के नकाबपोश चेहरे सबके सामने लाने  ही होंगें और यह काम खुद केंद्र सरकार को करना होगा क्योंकि कुछ लोग देश में धार्मिक अराजकता फैलाने  की साज़िश  कर रहे हैं।  ऐसे मामलों के लिए विशेष जांच दल गठित करने होंगे जिनका काम ही इन मामलों में सच का पता लगाकर अदालत और देश की जनता के सामने रखना होना चाहिए।  वरना देश में अराजक तत्व हावी हो जाएंगे।

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