स्वच्छ अभियान को ठेंगा दिखाता नालासोपारा रेलवे स्टेशन का यह छायाचित्र

प्रेम चौबे
नालासोपारा पूर्व. के रेल्वे ब्रिज के नीचे का हिस्सा हैं। जहां खुले में लघुशंका आम बात हैं और इतनी बदबू के बावजूद प्रशासन कुंभकर्णी निंद मे सोया हैं। विरार की ओर निकलने वाला यह पादचारी पुल ,दुबे स्टेट की ओर से बाहर निकलने का मार्ग ही नहीं बल्कि नालासोपारा पूर्व के लगभग सभी रेल्वे यात्रियों के ट्रेन पकड़ने का सुगम रास्ता भी हैं।

सबसे अहम बात तो यह हैं की यहाँ सभी राजनीतिक, दलो और संगठनों, सहित आध्यात्मिक कार्यक्रमों के बहुतायत बैनर ,पोस्टर लगे बिना कोई भी कार्यक्रम संपन्न हो जाऐ यह संभव नहीं ।अवैध हाकर्स स्थानीय पुलिस और रेल्वे पुलिस के आशीर्वाद से फलफूल रहे ही हैं।ऐसे मे आप सपरिवार अगर कहि आ,जा रहे हैं तो,खासकर महिलाओं के लिए यह रास्ता पार करना बहुत कष्टप्रद हैं ।कारण अश्लीलता की भरमार और छिंटाकशी से रोड छाप मंजनूओ के बढ़ते हौसले और महानगर, पुलिस, प्रशासन की लापरवाही का नतिजा ही कहा जाएं या विश्व की सबसे बड़ी पार्टी या सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलो के नुमाइंदों की निष्क्रियता। ऐसे में तो *स्वच्छ भारत का नारा * सिर्फ नारेबाजी तक ही सिमित हैं,ऐसा प्रतीत हो रहा हैं।

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