देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने भेट वस्तु और स्मृति चिह्नों को नीलाम करने का निर्णय

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल में देश विदेश से मिले भेंट वस्तु और स्मृति चिह्नों को नीलाम करने का निर्णय लिया है जिसकी प्रक्रिया रविवार को शुरू हुई है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी विषय पर ट्वीट करके लिखा है की उन्हें भेंट किये गए स्मृति चिन्ह भारत की विविधता एवं कला कौशल को प्रदर्शित करते हैं और इनकी नीलामी से प्राप्त धनराशि का उपयोग ‘नमामि गंगे’ परियोजना में किया जायेगा.

उनके अनुसार वर्षो से उन्हें जो स्मृति चिन्ह प्राप्त हुए है उनको नीलाम किया जा रहा है। इस नीलामी से प्राप्त राशि नमामि गंगे को जायेगी।राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए), दिल्ली में आयोजित नीलामी प्रक्रिया 28 जनवरी को खत्म होगी जबकि शेष बचे उपहारों की ई-नीलामी 29 से 31 जनवरी को होगी।

नीलामी की प्रक्रिया को दर्शाने और उपहारों की ई-नीलामी के लिए एक खास वेबसाइट शुरू की गयी है।इस साइट पर भेंट का विवरण भी है। स्मृति चिन्ह की कीमत 100 रुपये से 30,000 रुपये के बीच है। कीमत के आधार पर उपहारों के बारे में वेबसाइट पर सर्च किया जा सकता है। नीलामी से प्राप्त राशि की जानकारी मूल्यांकन के बाद सोमवार को दी जायेगी ।इन स्मृति चिह्नों में 1,000 रुपये की छत्रपति शिवाजी महाराज की एक प्रतिमा भी शामिल है जिसकी नीलामी राशि 22,000 रुपये रखी गयी है। संस्कृति मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

पीतल, चीनी मिट्टी, कपड़ा, कांच, सोना, धातु की सामग्री आदि के आधार पर उपहारों की श्रेणी बनायी गयी है। हरेक सामग्री का आकार, भार का विवरण भी दिया गया है। प्रधानमंत्री को किसने वह उपहार दिया, इस बारे में भी बताया गया है।नीलामी में राधा-कृष्ण की एक मूर्ति भी है, जिसपर सोना चढ़ाया हुआ है। इसकी आधार कीमत 20,000 रुपये रखी गयी है। सूरत में मांडवी नगर पालिका ने 4.76 किलोग्राम की यह मूर्ति प्रधानमंत्री को भेंट की थी। नीलाम किये जाने वाले उपहारों में गौतम बुद्ध की एक प्रतिमा, गोमुख (गंगा का उद्गम स्थल) की त्रिआयामी तस्वीर, महात्मा बसवेश्वर की प्रतिमा, स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा और चांदी चढ़ा शिवलिंग शामिल है।

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