शिवसेना नेतृत्व को कल्याण ग्रामीण सीट पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता

एक समय था जब महाराष्ट्र में शिव सैनिकों की कट्टरता पर कोई उंगली उठाने की हिमाकत नहीं करता था लेकिन विधानसभा चुनाव 2019 में कल्याण ग्रामीण विधानसभा सीट  के उम्मीदवार शिवसेना प्रत्याशी रमेश महात्रे के साथ ग्रामीण क्षेत्र के कुछ शिवसेना नेताओं की गद्दारी से राज्य के शिव सैनिकों के निष्ठा पर सवाल उठने स्वाभाविक हो गए हैं

शिवसेना के स्थापना से लेकर शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के मृत्यु तक जब भी शिवसेना द्वारा कोई सभाएं आयोजित होती थी तो बाला साहब ठाकरे अपने संबोधन में शिवसैनिकों को माझे माऊले यानी मेरी सेना कहकर बुलाते थे शिवसैनिक भी उतनी ही कट्टरता से बालासाहेब ठाकरे के प्रति अपनी निष्ठा हर समय दर्शाने के लिए तत्पर रहते थे

लेकिन अब माहौल बदला बदला सा लगने लगा है विधानसभा चुनाव 2019 के अंतिम समय में शिवसेना की तरफ से कल्याण ग्रामीण में रमेश महात्रे को उम्मीदवारीसे दी गई है और कल मतदान है लेकिन अभी तक कल्याण ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के कुछ शिव सेना नेताओ का असंतोष खत्म हुआ नहीं दिख रहा है और वे शिवसेना पदाधिकारी अपने ही शिवसेना के उम्मीदवार के विरुद्ध में काम करते हुए दिख रहे हैं

उल्लेखनीय है कि कल्याण ग्रामीण सीट पर भाजपा के अनेक नेता गण पहले से ही शिवसेना विरोधी रुख अपना रखा है और महज दिखावे के लिए वे साथ में रहे है. अब शिवसेना नेताओं की गद्दारी से यह सीट पर शिवसेना उम्मीदवार रमेश म्हात्रे के लिए मुश्किल उत्पन्न हो रही है ऐसे में रातों-रात शिवसेना के वरिष्ठ नेता गण इस क्षेत्र में व्याप्त असंतोष पर ध्यान देने की आवश्यकता है जिससे यहां इस सीट पर होने वाले नुकसान को रोका जा सके.

Please follow and like us:
error

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please wait...

Subscribe to our Newsletter

To get Notified of our weekly Highlighted News. Enter your email address and name below to be the first to know.
error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Facebook
Twitter
YouTube
Follow by Email