केंद्र की राजग गठबंधन ने फिर दिया कांग्रेस को करारा झटका राज्यसभा का उपसभापति पद भी छिना.

अनेक अटकलों के बावजूद केंद्र की राष्ट्रिय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार ने विपक्षी डालो को करारा झटका देते हुए उनकी झोली से राज्यसभा का उपसभापति पद छीन लिया राज्यसभा में राजग गठबंधन के अल्पमत में होने के बावजूद जुगाड़ फोर्मुला पर चलते हुए राजग के उम्मीदवार हरिवंश प्रसाद सिंह ने विपक्षी उम्मीदवार वी के हरिप्रसाद को २० मतों के अंतर से पटखनी दी.राजग उम्मीदवार हरिवंश प्रसाद सिंह के पक्ष में 125 और वि के हरिप्रसाद के पक्ष में 105 मत पड़े।

ज्ञात हो की कांग्रेस सदस्य पी जे कुरियन के पिछले महीने सेवानिवृत्त होने के बाद उपसभापति का पद खाली हुआ था।इस पद के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेत्रित्व वाली राजग गठबंधन ने अपने सहयोगी जनता दल युनाटेड के हरिवंश प्रसाद सिंह को अपना उम्मिद्व्वार घोषित किया जबकि राज्यसभा में विपक्ष के वहुमत होने के कारण अति आत्मविश्वास दिखाते हुए कांग्रेस ने अपने पार्टी के वि के हरिप्रसाद  को उम्मीदवार वनाया.कांग्रेस को राजग के सहयोगी शिवसेना और अकाली दल बगावती तेवर से फायदा मिलने की आशा थी क्योकि दोनों दलों ने राजग गठबंधन के नाम की घोषणा के बाद “हमसे चर्चा नहीं करने” का आरोप लगते हुए बगावती तेवर दिखाए थे.

लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की कुटिल नीति और जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार द्वारा उड़ीसा की बीजू जनता दल तेलंगाना की तेलंगाना राष्ट्रिय समिति के साथ शिवसेना और अकाली दल से बातचीत कर इन्हें अपने पक्ष में कर लिया.और इसी का नतीजा था की कुल २३८ सदस्यों वालो राज्यसभा में कुल २३२ सदस्य उपस्थित थे.राजग गठबंधन जहा ४ सांसदों को अनुपस्थित रखने में सफल हुआ वहि जीत के लिए आवश्यक १२० की संख्या से अधिक १२५ सदस्यों का समर्थन जुटाने में सफलता प्राप्त कर ली.जबकि कांग्रेस  को अपेक्षित १०५ में से १०५ सदस्यों का ही समर्थन प्राप्त हुआ है.

उल्लेखनीय है कि जदयू के राज्यसभा सदस्य हरिवंश को आज उच्च सदन के उपसभापति पद के लिए चुन लिया गया। उन्हें विपक्ष की ओर से कांग्रेस के उम्मीदवार बी के हरिप्रसाद को मिले 105 मतों के मुकाबले 120 मत मिले। सदन की कार्यवाही शुरु होने पर सभापति एम वैंकेया नायडू ने सदन पटल पर आवश्यक दस्तावेज रखवाने के बाद उपसभापति पद की चुनाव प्रक्रिया शुरु करवायी। हरिवंश के पक्ष में 125 और हरिप्रसाद के पक्ष में 105 मत पड़े। मतदान में दो सदस्यों ने हिस्सा नहीं लिया। सदन में कुल 232 सदस्य मौजूद थे।

हरिवंश के पक्ष में जदयू के आर सी पी सिंह, भाजपा के अमित शाह, शिव सेना के संजय राउत और अकाली दल के सुखदेव सिंह ढींढसा ने प्रस्ताव किया। वहीं हरिप्रसाद के लिये बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, राजद की मीसा भारती, कांग्रेस के भुवनेश्वर कालिता, सपा के रामगोपाल यादव और राकांपा की वंदना चव्हाण ने प्रस्ताव पेश किया। इन प्रस्तावों पर मतविभाजन के बाद सभापति नायडू ने हरिवंश को उपसभापति निर्वाचित घोषित किया। इसके बाद हरिप्रसाद ने हरिवंश को उनके स्थान पर जाकर बधाई दी। नेता सदन अरुण जेटली, नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार और संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने हरिवंश को बधाई देते हुये उन्हें उपसभापति के निर्धारित स्थान पर बिठाया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरिवंश को शुभकामनायें देते हुये उनके विभिन्न क्षेत्रों के अनुभव के हवाले से उनके निर्वाचन को सदन के लिये गौरव का विषय बताया।

Please follow and like us:
error

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Facebook
Twitter
YouTube
Follow by Email