नालासोपारा के सेंट्रल पार्क के श्री रामकथा मे छठवें दिन उमड़ा जनसैलाब
सुनु सिय सत्य अशिष हमारी, पूजहिं मन कामना तुम्हारी।।
प्रेम चौबे
नालासोपारा पूर्व के सेंट्रल पार्क मे हो रही श्री रामकथा में लगातार श्रोताओं की बढ़ती भीड़ से आयोजक मंडल जय माँ विंध्यवासिनी सेवा संस्था के समस्त पदाधिकारियों मे प्रसन्नता दिखाई दे रही हैं। स्थानीय श्रोताओं सहित मुंबई,बोईसर व पालघर जिले से हजारों की संख्या मे कथास्थल पहुंचनें वाले समस्त रामभक्तों का संस्था द्वारा भव्य स्वागत किया जा रहा हैं।
श्रीराम विवाह (रविवार) के प्रसंग पर कथा व्यास पं. बालकृष्ण दास जी ‘मानस रसिक’ के मुखारविंद से निकलने वाली पतितपावनी सारे पापो को नष्ट करने वाली संगीतमय वाणी का उपस्थित जन श्रोताओं ने झूमते हुए कथा का श्रवण पान करते दिखाई दिए , व्यास जी ने प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु विश्वामित्र जी के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भागवान श्री रामचंद्र जी अपने लघु भ्राता लखनलाल जी के साथ यज्ञ रक्षार्थ दुष्ट राक्षसों का वध करने के पश्चात गुरू सेवा हेतू पुष्प वाटिका मे फूल चुनते समय सखियों संग गौरी पूजन करने पहुंची जनक नन्दिनी सीता जी को श्री राम प्रभू के दर्शन प्राप्त हुए। इसके बाद सीता स्वयंवर मे गुरू आज्ञा से भगवान शिव के धनुष को राम जी भंग करते है, तथा राम सीता विवाह धूमधाम से संपन्न होता हैं।
आचार्य पं. शशि मिश्रा जी,पं. संतोष तिवारी, पं. अभिषेक तिवारी के सानिध्य में मंगलवार 11अक्टूबर से प्रारम्भ हुए नौ दिवसीय राम कथा का समापन 20 अक्टूबर को महाप्रसाद के साथ समापन होगा।
आयोजक मंडल द्वारा कथा स्थल पर श्रोताओं के लिए विशेष सुविधा का प्रबंध किया गया हैं। जिससे किसी प्रकार की कोई असुविधा ना हो सके। दूर दराज से आए तथा प्रबंधन समिति से जुड़े सभी लोगों के लिऐ प्रतिदिन प्रसाद (भोजन) की व्यवस्था का प्रबंध किया गया हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने मे समस्त रामभक्तों का योगदान प्रार्थनीय हैं।

