इसाई मशीनरियो के विदेशी चंदे पर अंकुश को, ब्रिटेन सरकार भारतीय इसाइयों पर अन्याय मानती है

देश भर में कही से भी इसाइयों पर अन्याय अत्याचार के कोई समाचार नही है,इसके बावजूद एक बर्ष पहले ही देश के सबसे प्रतिष्ठित इसाई चर्च आर्च विशप के पादरी ने देश में अल्प संख्यको के लिए आपातकाल जैसी स्थीती उत्पन्न होने की बात कही थी.और अपने देश भर के अनुआइयो को किसी भी हालत में अगले लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देने का पत्र जारी किया था.

अब ब्रिटेन सरकार ने मंगलवार को कहा है कि वह भारत में ईसाइयों पर कथित जुल्मों के मुद्दे को अपने समकक्ष देशो के बीच उठाएगी। हाउस ऑफ कॉमन्स में विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय के लिए सवाल-जवाब के निर्धारित सत्र के दौरान ब्रिटेन के विदेश कार्यालय के मंत्री मार्क फील्ड ने कहा कि ब्रिटेन सरकार भारत में कथित धार्मिक अत्याचारों के सभी मामलों को अपने समकक्षों के साथ उठाएगी।

पहले आर्च बिशप चर्च का पत्र और अब ब्रिटेन सरकार की यह घोषणा आम भारतीयो के समझ से पड़े है.देश में खी से भी इसाई समुदाय से दुर्व्यवहार या अत्याचार की कोई खबरे नही आरही है. हां वर्ष २०१४ में केंद्र में भाजपा प्रणित नरेन्द्र मोदी की सरकार आने के बाद देश के भर के विदेशी चंदो पर समाजसेवा के नाम पर धर्मांतरण करवाने वाली इसाई मशीनरियो का विदेशो से आने वाला चन्दा पूरी तरह आना बंद हो गया है.

देश के इसाई मशीनरियो पर लगाए गए इसी अंकुश को आर्च बिशप चर्च भारत के इसाइयों पर अन्याय अत्याचार मानता रहा है.वहि ब्रिटेन सरकार भी आर्च बिशप चर्च के शुर में शुर मिला रहा है.

Please follow and like us:
error

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Facebook
Twitter
YouTube
Follow by Email