क्यों बार बार हो रहा, टिकट जांच कर्मचारियो पर हमला ?

क्यो बार बार हो रहे है टिकट जांच कर्मचारियो पर हमला, यह रेलवे प्रशासन के लिए सोचने का  विषय है भारतीय रेल का राजदूत समझे जाना वाला टिकट जांच कर्मचरियो के  आचरण में एकदम इतनी क्या कमी आ गई जो उसके साथ छोटे से छोटा यात्री, राजनेता, सुरक्षा रक्षक सभी अभद्र व्यवहार करने पर अमादा हो गये, एक तो कार्य का बोझ, अधिकारियो द्वारा असहयोग एवं बदले की भावना से कार्यवाही जैसे कारणों से टिकट जांच कर्मचारी अपने आप को असुरक्षित समझने लगा है, और उसका अपने कार्य एवं वरीय अधिकारियो से विश्वास उठता जा रहा है

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हाल के दिनों में लगातार हो रही घटनाओ ने रेल कर्मचारियो खासकर टिकट बाबुओ का मनोबल तोड़ दिया है। इसमें अभी पिछले हफ्ते मध्य रेलवे के दादर रेलवे स्टेशन पर टिकट निरीक्षक धर्मेश कर्दम की है, जिसमें रेल सुरक्षा बल के कार्यलय में ही उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, हालांकि तत्काल प्रभाव से दोनो कथित अधिकारीयो को निलंबित कर दिया गया। दूसरी घटना कोपर स्टेशन पर टिकट संग्राहक जानू जलम सिंह वलवी के साथ। यात्री द्वारा बदसलुखी वाला मामला भी संतोष जनक नही है, हालांकि उपस्थित पुलिस दल उसको गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया।

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ऐसी ही घटना 12392 डाउन श्रम जीवी एक्सप्रेस में AC के डिब्बे में बिना टिकट अपने एक सहयोगी के साथ यात्रा कर रहे रेल सुरक्षा बल के रक्षक समरजीत सिंह, से टिकट पूछने पर उन्होंने उप मुख्य टिकट निरिक्षक पंकज कुमार के साथ अभद्र व्यवहार किया एवं पीटते हुये आर.पी.एफ पोस्ट में घसिटता हुआ ले गया,

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इसी प्रकार बांदा से भाजपा सांसद भैरव प्रसाद मिश्रा और उनके साथियो पर दबगई का आरोप लगा है, घटना की जानकारी देते हुये बताया की गत सप्ताह मंगलवार बुधवार के दरम्यान रात में बांदा सांसद मिश्रा अपने तीन सहयोगी और गनर सुनील कुमार सिंह के साथ नई दिल्ली जाने के लिये चित्रकूट स्टेशन से महाकोशल एक्सप्रेस में सवार हुये , टिकट चेकिंग के दौरान A-1 में 22 नम्बर पर एक सवारी बिना टिकट यात्रा करता पाया गया, उसने अपने आप को सांसद जी का गनर बताया, और कहा मुझे टिकट के विषय में कुछ भी नही मालूम,

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जब टिकट निरीक्षक मिश्रा ने सांसद महोदय से बात की तो उन्होंने T.T.E  को नौकरी से हटवाने की धमकी दी और उसका मोबाईल छीन लिया एवं  मिश्रा के सहयोगी उप मुख्य टिकट निरिक्षक संजय कुमार ने जब उनको  समझने की कोशिश की तो उनको ट्रैन से फेकने की कोशिश की गई, वह तो टी.टी.ई मिश्रा और एक अन्य सहायक ने उन्हे वचाया। टिकट जांच कर्मचारियो ने आगरा पहुचकर इसकी शिकायत की मंडल रेल प्रबन्धक ने इस घटना की जांच करके दोषियो पर कार्यवाही करने का आशवासन दिया।

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अब सवाल यह उठता है  की इतनी घटनाओ के बाद भी ना तो रेल प्रशासन कोई ठोस कदम उठा रहा है और ना ही कर्मचारी अपनी कार्यशैली बदलने को तैयार है, उन्हें अब इस तरह कार्यकरना पड़ेगा, जिससे उनकी सुरक्षा के साथ उनके प्रति यात्रियों में विशवास बना रहें। इन घटनाओ से नाराज होकर  इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ आर्गेनाइजेशन ने 16 मई को स्टेशन पर काली पट्टी लगाकर काम करके अपना प्रकट किया।

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साभार – एक्सरे रिपोर्ट साप्ताहिक, कल्याण 

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