अटल जी की ना भूलने वाली यादें।

 (कर्ण हिंदुस्तानी )
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल जी के बारे में कई ऐसी बातें हैं जो उनके व्यक्तित्व को उजागर करतीं हैं। 1957 में पहली बार अटल जी यूपी के बलरामपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र से संसद पहुंचे. वे जनसंघ पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए. अटल बिहारी वाजपेयी ने कांग्रेस के हैदर हुसैन को पराजित किया था.वाजपेयी जब 1957 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिये रेलगाड़ी से यहां पहुंचे थे. उस समय  जनसंघ पार्टी की ओर से उन्हें एक धक्का प्लेट जीप मिली थी. अटल जी के पुराने सहयोगी और अपनी उम्र का लगभग शतक पूरा कर चुके देवता प्रसाद मिश्र बताते हैं कि पार्टी गरीब थी, साधन नहीं थे. उसी एक जीप पर पहले धक्का लगाते थे, फिर उसी से प्रचार करने के लिए जाते थे.  अटल जी जब संसद में प्रखर वक्ता के रूप में पहचान बनाने लगे तो नेहरू जी को लगा कि यह युवा देश की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने अपने सांसदों को कहा इसे सुनो यह देश का भावी प्रधानमंत्री हो सकता है।  मगर सत्ता के खेल तो खेल ही होता है। 1962 में उन्हें रोकने के लिए सुभद्रा जोशी को मैदान में उतार दिया. इतना ही नहीं वाजपेयी को घेरने के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू ने सुभद्रा के प्रचार में कॉमेडियन अभिनेता को उतारा दिया. परिणाम अटल जी के विपरीत गया और सुभद्रा जोशी 200 मतों से चुनाव जीतने में कामयाब हो गई. हालांकि 1967 के चुनाव में फिर वाजपेयी सुभद्रा जोशी को हराकर दिल्ली पहुंचे. इसके बाद अटल जी ने लखनऊ को अपना कार्यस्थल बना लिया।
तुरंत किसी भी सवाल का जवाब देने में महारत रखने वाले अटल जी से एक बार किसी पत्रकार ने पूछा कि आप ने शादी क्यों नहीं की ? अटल जी ने तुरंत जवाब दिया और कहा जब शादी की उम्र थी पार्टी के कार्यों में लगा रहा , अब शादी करना चाहता हूँ तो कहतें हैं उम्र निकल गई है। जनता पार्टी से मोह भंग होने के बाद अटल जी ने भारतीय जनता पार्टी का गठन किया और मुंबई में १९८० में भारतीय जनता पार्टी के गठन की घोषणा करते हुए कहा था कि अँधेरा छंटेगा कमल खिलेगा और आज उनकी बात सत्य साबित हुई।  देश के राजनीतिक क्षितिज पर बीजेपी का कमल खिल चुका है। अटल जी को कमल का फूल काफी प्रिय था।  यही वजह थी कि उन्होंने बीजेपी का चुनाव चिन्ह कमल का फूल रखने का फैसला किया। प्रखर वक्ता के रूप में अपनी पहचान अंत तक कायम रखने वाले अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार संसद में कांग्रेस की नीतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि आप लोग चाहतें हैं कि मैं आप लोगों के सामने नतमस्तक हो जाऊं , यह सम्भव नहीं है। मैं दल बदल की नीतियों पर विश्वास नहीं करता हूँ।
आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन अटल बिजारी वाजपेयी ने अपने पिता के साथ लॉ की पढ़ाई की थी। उन्होंने कानपुर के डीएवी कॉलेज से लॉ में डिग्री की इच्छा में अपने पिता से जताई थी, जिसके बाद उनके पिता ने भी अपने बेटे के साथ लॉ की डिग्री के लिए एडमिशन लिया। लॉ छात्र के रूप में पिता-पुत्र एक साथ एक सत्र के दौरान एक ही हॉस्टल के एक कमरे में रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी राज्यसभा में एक भाषण के दौरान वाजपेयी को भारतीय राजनीति का भीष्म पितामाह करार दिया था।
1957 से 2009 के बीच लगातार अटलजी संसद के सदस्य रहे। अटल जी पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने गैर कांग्रेसी सरकार का नेतृत्व करते हुए पांच साल कार्यकाल पूरा किया।
अटल बिहारी वाजपेयी 1977 में जनता पार्टी की सरकार में विदेश मंत्री बनाए गए थे। उस समय उन्होंने संयुक्‍त राष्ट्र संघ के एक सत्र में हिंदी में अपना भाषण दिया था। इतना ही नहीं वो पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी थे, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देने का फैसला किया।
अपनी खास भाषण शैली, कविताओं के साथ-साथ मनमोहक मुस्कान के लिए पहचाने जाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी कड़े फैसले लेने के लिए भी विख्यात थे। इसका सबसे बड़ा उदाहरण 1998 में उस समय देखने को मिला जब उन्होंने केंद्र की सत्ता संभालते ही एक ऐसा फैसला लिया जिसने देश ही पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। अटल बिहारी वाजपेयी ने पीएम रहने के दौरान न केवल परमाणु परीक्षण को हरी झंडी दी, बल्कि इसे सफल बनाकर भारत को परमाणु संपन्न राष्ट्र बनाने में अहम रोल भी निभाया।
अटल बिहारी वाजपेयी को कविताओं से गहरा लगाव रहा। कई बार उन्होंने अपने विचारों को कविताओं के माध्यम से ही सबके सामने रखा। उनका कहना था कि कविता उनके लिए जंग में हार नहीं, बल्कि जीत की घोषणा की तरह है। वाजपेयी को कुदरत से भी काफी लगाव था। उन्हें पहाड़ पर छुट्टी बिताना काफी अच्छा लगता। हिमाचल का मनाली उनकी पसंदीदा जगहों में शामिल था।
Please follow and like us:
error

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Facebook
Twitter
YouTube
Follow by Email